गोलीकांड मामला: मनाली में ही हुई थी रवलीन और सनी की मुलाकात, पुलिस खंगाल रही फोन कॉल डिटेल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने बताया कि अभी तक की जांच में पता चला है कि पांच-छह महीनों की अवधि के दौरान ही सनी और रवलीन की दोस्ती हुई होगी। पुलिस तमाम पहलुओं को मद्देनजर रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है।
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हिमाचल प्रदेश के मनाली के शूरू गांव के निजी होटल में गोलीकांड मामले की गुत्थी फिल्मी कहानी जैसी बन गई है। अवैध संबंध के शक में पति पहले पत्नी के दोस्त को मौत के घाट उतारता है और फिर खुद की कनपटी पर गोली चलाकर आत्महत्या कर लेता है। करीब छह महीने पहले रवलीन और उसकी बहन ने यहां होटल लीज पर लिया। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान मनाली में ही होटल चला रहे सनी शेरावत के साथ रवलीन की दोस्ती हुई। हालांकि, ठोस साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस सभी के फोन कॉल की डिटेल का सहारा ले रही है।
पुलिस की अब तक की जांच में यही पता चला है कि पांच-छह महीनों के दौरान दोनों में दोस्ती हुई। मनाली में गोलीकांड को लेकर पुलिस टीम गहनता से पूछताछ कर रही है। होटल कर्मचारियों के अलावा आसपास के होटल संचालकों से भी पूछताछ की गई है। ऋषभ मनाली से बाहर रहता था। ऐसे में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि उसकी पत्नी की पल-पल की जानकारी कहीं से लेता था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने बताया कि अभी तक की जांच में पता चला है कि पांच-छह महीनों की अवधि के दौरान ही सनी और रवलीन की दोस्ती हुई होगी। पुलिस तमाम पहलुओं को मद्देनजर रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है।
फोरेंसिक टीम की निगरानी में होगा ऋषभ और सनी का पोस्टमार्टम
शूरू के होटल में हुए गोलीकांड में मरने वाले दिल्ली के दोनों युवकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ने मेडिकल कॉलेज नेरचौक के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक टीम की निगरानी में पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद खुलासा होगा कि गोली कितनी दूर से चली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मौके पर मिले दोनों पिस्तौल देसी और बिना लाइसेंस के थे। हथियार कहां से कौन लेकर आया इसकी भी टीम जांच कर रही है।
वहीं, ऋषभ की पत्नी के बयानों के अलावा पुलिस जांच में विभिन्न पहलुओं को जोड़कर भी जांच आगे बढ़ा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने बताया कि दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम नेरचौक मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक टीम की निगरानी में करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देसी कट्टा और पिस्तौल ऋषभ के ही थे। वहीं यह दोनों हथियार लेकर आया था। गोलियां दोनों हथियारों से चली या नहीं, फोरेंसिक जांच के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा। उन्होंने अनुसार पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।
दोनों हथियारों से गोली चलाने का किया प्रयास
पुलिस की अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि मौके से बरामद देसी कट्टे और पिस्तौल दोनों से ही गोलियां चलाने का प्रयास किया था। एक हथियार की गोली फंस गई। जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन, एक हथियार की गोली से सन्नी और ऋषभ दोनों की मौत हुई। हालांकि, फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही इसके वैज्ञानिक तथ्य मिल सकेंगे।
ऋषभ का चार बजे होटल में पहुंचना बना पहेली
शूरू गांव के निजी होटल में हुए गोलीकांड में पुलिस सामने कई पेच हैं। सुबह-सुबह करीब चार बजे ऋषभ सक्सेना अचानक होटल तक कैसे पहुंचा, यह पहेली बन गया है। पुलिस आसपास के होटलों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाल रही है। शूरू गांव के जिस होटल में गोलीकांड की वारदात हुई वह मनाली शहर से लगभग सात किलोमीटर दूर है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक ऋषभ सुबह करीब चार बजे देसी कट्टा और पिस्तौल लेकर होटल में आया।
अब सवाल यह है कि वह होटल तक कैसे पहुंचा? यदि वह किसी गाड़ी या दो पहिया वाहन से आया होता तो होटल के आसपास बरामद हो जाता। उसके होटल तक पहुंचने का रहस्य जानने के लिए पुलिस टीम गहन जांच कर रही है। वह आसपास के होटल में तो नहीं ठहरा था। उसने बस का सहारा लिया या फिर अन्य वाहन का। यहां पहले ही आकर आसपास कहीं रुका तो नहीं था। ऐसे तमाम सवालों के जवाब ढूंढने के लिए पुलिस टीम जांच कर रही है। पुलिस उपाधीक्षक हेमराज ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।