पर्यटकों के लिए खुले हिमाचल के चार संग्रहालय, इन नियमों का करना होगा पालन
सरकार ने 15 जून से प्रदेश के चार संग्रहालयों को खोलने का फैसला लिया है। शिमला, धर्मशाला, चंबा और केलांग के संग्रहालय खोले जा रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के चार संग्रहालय मंगलवार से आम लोगों और पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। इनमें प्रवेश करने से पहले सरकार के कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए जारी निर्देशों का पालन करना होगा। दूसरी ओर, भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन प्रदेश के ऐतिहासिक मंदिरों और स्मारकों को 16 जून से खोलने से पहले स्थानीय जिला प्रशासन से विचार-विमर्श करना होगा। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि इन्हें खोलने से पहले राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का भी सख्ती से पालन किया जाए।
सरकार ने 15 जून से प्रदेश के चार संग्रहालयों को खोलने का फैसला लिया है। शिमला, धर्मशाला, चंबा और केलांग के संग्रहालय खोले गए हैं। शिमला के संग्रहालय के पास करीब पचीस हजार वर्गमीटर स्थान है और तीन मंजिला है। एक मंजिल में पहले दस लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। जब ये दूसरी मंजिल में प्रवेश करेंगे तो फिर दस और लोगों को जाने देंगे। इस तरह से दस और लोगों को भीतर प्रवेश देंगे।
इसके बाद जब दस लोग बाहर आएंगे तो फिर दस-दस लोगों को भीतर जाने लेंगे। एक समय में सिर्फ तीस लोग ही संग्रहालय में रहेंगे। इसी तरह से धर्मशाला, चंबा और केलांग के संग्रहालयों में सिर्फ दस लोग ही प्रवेश कर पाएंगे। जब ये बाहर आएंगे तो फिर दस को प्रवेश देंगे। इससे पहले हर रोज संग्रहालय परिसर को सेनीटाइज करना होगा और पर्यटकों के लिए भी सैनिटाइजर रखना होगा।
भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीक्षक पुरातत्वविद जुल्फीकार बताते हैं कि प्रदेश सरकार ने मंदिरों को खोलने पर रोक लगा रखी है। उनके विभाग के अधीन मंदिरों को फिलहाल नहीं खोला जा रहा। हिमाचल में भारतीय पुरा ऐतिहासिक मंदिरों और स्मारक की संख्या 78 है। इनमें अधिकांश मंदिर हैं। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि स्थानीय जिला प्रशासन से विचार विमर्श करके ही ये स्मारक खोले जा सकेंगे।
कोविड पोर्टल में घटी, सड़कों पर बढ़ रही सैलानियों की संख्या
उधर, हिमाचल प्रदेश में धारा -144 के हटने के साथ ही कोविड-19 ई पास पोर्टल पर पंजीकरण से ज्यादा संख्या में सैलानी पहुंचने लगे हैं। पिछले तीन दिन में पोर्टल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार ई-पास स्कैनिंग और आने वालों की संख्या कम हो गई है, जबकि शिमला समेत प्रदेश भर में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी और चंडीगढ़ के रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती दिख रही हैं।
सरकारी सिस्टम के दावों के अनुसार पंजीकरण के संबंधित जिले के एसडीएम से अप्रूव होने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। पास जारी होने, स्कैन होने और सड़कों पर दौड़ती गाड़ियों की संख्या इस दावे की हवा निकाल रहे हैं। 11 जून को पोर्टल के अनुसार प्रदेश में 3991 पास स्कैन किए गए, जबकि 9586 लोगों ने राज्य की सीमा में प्रवेश किया। 12 जून को यह संख्या घटकर 9278 हो गई।
रविवार 13 जून को परवाणू बॉर्डर से एंट्री के लिए हजारों वाहनों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए, लेकिन आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 7201 लोगों ने ही राज्य में प्रवेश किया। सरकारी सिस्टम के इस दावे और सोशल मीडिया पर सैकड़ों की संख्या में वाहनों के हिमाचल में प्रवेश के फोटो वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने खासी नाराजगी जताई है। कई लोगों ने फेसबुक और ट्विटर जैसे माध्यमों के जरिये सरकार से पूछा है कि कैसे हो सकता है कि सैकड़ों की संख्या में वाहन हिमाचल आ रहे हैं और आने वालों की संख्या कम हो रही है।
लोगों ने पंजीकरण और ई-पास की चेकिंग पर सवाल उठाए। उधर, पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश में आने वाले सैलानियों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। कहा गया है कि वह कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मास्क न लगाने पर पहली बार पांच सौ रुपये जुर्माना लगेगा, जबकि बार-बार पकड़े जाने पर पांच हजार का जुर्माना और 8 दिन की जेल भी हो सकती है।