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Himachal: अवैध, गुणवत्ताहीन, जहरीली शराब पकड़े जाने पर पांच साल की कैद, आबकारी संशोधन विधेयक अधिसूचित

Tue, 10 Dec 2024 10:49 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 10 Dec 2024 10:49 AM IST
सार

राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधि विभाग ने हिमाचल प्रदेश आबकारी संशोधन विधेयक 2024 विधेयक संख्यांक 16 को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। 

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Five years imprisonment for illegal, substandard, poisonous liquor, Himachal became the first state to confisc
जहरीली शराब (सांकेतिक) - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश एक्साइज एक्ट में संपत्ति जब्त करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधि विभाग ने हिमाचल प्रदेश आबकारी संशोधन विधेयक 2024 विधेयक संख्यांक 16 को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। अब अवैध, गुणवत्ताहीन, जहरीली शराब पकड़ने पर पांच साल तक की कैद और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना होगा। संशोधित विधेयक के तहत जिला उपायुक्तों को कार्रवाई की शक्तियां दी गई हैं। आरोपी से लेनदेन करने वालों पर अब भी शिकंजा कसा जाएगा। सितंबर में विधानसभा मानसून सत्र के दौरान सरकार ने विधेयक को सदन में पारित किया था।

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आबकारी विभाग में  कमांडो फोर्स तैनात होगी
अब राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को इसे राजपत्र में अधिसूचित किया गया है। विधेयक के तहत यह व्यवस्था भी की गई है कि आबकारी विभाग में सेकंडमेंट आधार पर कमांडो फोर्स तैनात की जाएगी। यह नया कानून उन पर लागू होगा, जो किसी भी प्रकार की शराब का उत्पादन और विनिर्माण का अधिकार रखता हो या आयात, निर्यात और परिवहन करता हो। शराब विनिर्माण या उत्पादन के प्रयोजन के लिए कोई भी सामग्री, भट्ठी, उपकरण आदि चाहे जैसा भी हो, इसका उपयाेग करता है। अपराध के लिए कैद की अवधि तीन से पांच वर्ष और जुर्माना 50 हजार से पांच लाख रुपये तक होगा।

सरकार ने मामले को संज्ञेय अपराध भी बनाया
अन्य राज्यों में पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई हाेती है। सरकार ने मामले को संज्ञेय अपराध भी बना दिया है। आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में संज्ञेय अपराध की परिभाषा ऐसे अपराध के रूप में की गई है, जिसमें गिरफ्तारी के लिए किसी वारंट की जरूरत नहीं होती। इस प्रकार के मामलों को गैर जमानती भी बना दिया गया है। पहले ऐसे अपराध पर सख्त कानून नहीं था। अब संपत्ति जब्त करने और पेनल्टी में बढ़ोतरी का भी प्रावधान किया गया है।

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