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मत्स्य विभाग: सिक्किम को बर्फीले क्षेत्रों में पैदा होने वाली ट्राउट मछली के पांच लाख अंडे देगा हिमाचल
Wed, 22 Dec 2021 08:38 PM IST
Krishan Singh
ब्यूरो/संवाद, शिमला/ऊना
ब्यूरो/संवाद, शिमला/ऊना
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 22 Dec 2021 08:38 PM IST
सार
मत्स्य विभाग बर्फीले क्षेत्रों में पैदा की जाने वाली ट्राउट मछली के पांच लाख अंडे सिक्किम सरकार को प्रदान करेगा। इन अंडों की पहली खेप सिक्किम सरकार 24 दिसंबर को कुल्लू जिले में स्थित बताहार और हामनी हैचरी से उठाएगी।
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मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश का मत्स्य विभाग बर्फीले क्षेत्रों में पैदा की जाने वाली ट्राउट मछली के पांच लाख अंडे सिक्किम सरकार को प्रदान करेगा। इन अंडों की पहली खेप सिक्किम सरकार 24 दिसंबर को कुल्लू जिले में स्थित बताहार और हामनी हैचरी से उठाएगी। मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि इस समय राज्य में सरकारी क्षेत्र में स्थापित पतलीकूहल, बाराहाट, हामनी, मांदल, होली, बरोट, सांगला तथा धाममाड़ी में स्थापित हैचरियों के माध्यम से वार्षिक 17 लाख ट्राउट मछलियों के अंडों का उत्पादन किया जा रहा है। मत्स्य पालन विभाग प्रति वर्ष राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के ठंडे जलाशयों में लगभग 80 हजार से एक लाख ब्राउन ट्राउट सीड (फिंगरलिग्स) का भंडारण करता है।
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हिमाचली ट्राउट मछली आक्सीजन से भरपूर बर्फीली नदियों में पैदा होने की वजह से विश्व में सबसे स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट पौष्टिक मानी जाती है। प्रदेश में इंडो-नार्वेजियन ट्राउट फार्मिंग प्रोजेक्ट की शुरूआत से ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में ट्राउट मछली का वाणिज्यिक आधार पर उत्पादन शुरू किया गया। निजी क्षेत्र में अब तक राज्य में कुल 32 ट्राउट हैचरी स्थापित की गईं हैं। जिनमें से कुल्लू में नौ, मंडी नौ, कांगड़ा दो, चंबा में पांच, शिमला में दो, किन्नौर में तीन, सिरमौर में दो हैचरियां लगभग 875 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई हैं। इस समय 600 ट्राउट उत्पादकों की ओर से राज्य में 1200 ट्राउट मछली इकाइयां स्थापित की गई हैं।
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