इन्वेस्टर मीट: मित्तल, अदानी, मुंजाल, भार्गव ने स्वीकारा न्योता, अंबानी-टाटा के आने पर संशय
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 7 और 8 नवंबर को धर्मशाला में होने जा रही जयराम सरकार की बहुप्रतीक्षित इन्वेस्टर मीट में अभी तक देश के आठ बड़े औद्योगिक घरानों ने आने की हामी भरी है। वहीं 1500 मेहमानों ने भी न्योता स्वीकार किया है। मीट में आ रहे करीब 30 बड़े नामों की लिस्ट अभी तक फाइनल हुई है। इसके अलावा 13 देशों के राजदूत भी मीट में शिरकत करेंगे।
आठ बड़े औद्योगिक घरानों में हीरो कॉरपोरेट सर्विसेज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आरसी भार्गव, अदानी एंटरप्राइसेस लिमिटेड के निदेशक प्रणव अदानी, सीआईआई (कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी, भारती एंटरप्राइसेस के वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर राजन भारती मित्तल, प्रोक्टर एंड गैंबल के मैनेजिंग डायरेक्टर मधुसूदन गोपालन, बीआरएस होल्डिंग के चेयरमैन बीआर शेट्टी, अमेजन इंडिया के सीईओ अमित अग्रवाल के नाम शामिल हैं।
सरकार ने इन बड़े उद्योगपतियों और राजदूतों के लिए लाइजनिंग अफसरों की ड्यूटी भी लगा दी है। सरकार ने बड़े नामों की अभी तक यह पहली लिस्ट बनाई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अभी तक इन्वेस्टर में आने वाले करीब 750 डेलिगेट की सूची बनी है।
गडकरी और पीयूष आएंगे धर्मशाला
इन्वेस्टर मीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा अभी तक केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय भूतल और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, केंद्रीय राज्य मंत्री पर्यटन प्रह्लाद सिंह पटेल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, खाद्य राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने भी आने को सहमति दी है। विदेश मंत्रालय में पूर्व सचिव पीआईओसीसीआई के संजीव अरोड़ा भी आएंगे।
अंबानी, टाटा और महिंद्रा के आने पर संशय
इन्वेस्टर मीट में आने वाले प्रमुख मेहमानों की पहली लिस्ट में अंबानी, टाटा और महिंद्रा जैसी बड़ी कंपनियों के प्रमुखों के नाम शामिल नहीं हैं। ऐसे में देश के इन तीन बड़े औद्योगिक घरानों के आने पर संशय है।
13 देशों के राजदूत आएंगे इन्वेस्टर मीट में
मेहमानों की पहली लिस्ट में 13 देशों के राजदूत भी शामिल हैं। इनमें भारत में यूएई के राजदूत अहमद अल बन्ना, बोस्निया और हर्जेगोविना के मुहम्मत सेनगिक, किर्जी के असेन ईसा, लैटविया के आर्टिस बर्टुलिस, वियतनाम के फाम सान चाउ, रशियन फेडरेशन के निकोले कुदाशेव, ट्यूनीशिया के नेजमेडिने लखाल, कंबोडिया के यूएनजी सीन, जॉर्जिया के आर्चिल, कुवैत के जनसेम इब्राहिम, कतर के मोहम्मद खतर इब्राहिम अल खतर, उज्बेकिस्तान के राजदूत फरहोद अर्जीव, फिजी के हाई कमिश्नर योगेश पुंजा के नाम शामिल हैं।