तीन लोगों का परिवार और पानी का बिल थमा दिया 3.78 लाख रुपये, पार्षद ने दिया धरना
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शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड कंपनी ने तीन सदस्यों के परिवार को तीन लाख 78 हजार रुपये का पानी बिल जारी कर दिया है। नगर निगम के पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर यह दावा करते हुए गुरुवार को मेयर आफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। कहा कि ढली में अपने बेटे और बेटी के साथ रहने वाली एक विधवा महिला को कंपनी ने तीन लाख 78 हजार का बिल जारी कर दिया है।
यह आम लोगों के साथ ज्यादती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में पब्लिक के मुद्दे उठाने वाले पार्षदों की आवाज दबाई जा रही है। नरेंद्र ठाकुर की पत्नी रीता ठाकुर भट्ठाकुफर वार्ड से पार्षद है।
नरेंद्र ने कहा कि नगर निगम के सभी पार्षदों को मनमानी करने वाली कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलना चाहिए ताकि शहर के आम लोगों को भारी भरकम बिलों से राहत मिल सके। कहा कि अगर कंपनी ने मनमानी बंद नहीं की और शहर के लोगों को हर महीने बिल जारी करने शुरू नहीं किए तो वह आम लोगों को साथ लेकर अब सचिवालय के बाहर धरना देंगे।नरेंद्र ठाकुर दोपहर 12:30 बजे टाउन हॉल स्थित मेयर आफिस के बाहर जमीन पर धरने पर बैठ गए।
मेयर डिप्टी मेयर ने उनसे दफ्तर के भीतर बैठ कर बातचीत करने का आग्रह किया लेकिन वह नहीं माने और कंपनी के एमडी को बातचीत के लिए बुलाने पर अड़े रहे। दो घंटे बाद 2:30 बजे एमडी मेयर आफिस पहुंचे। नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि शहर के 70 फीसदी लोगों को 50 हजार से अधिक के बिल आए हैं। बिल ठीक करवाने के लिए लोग यहां वहां भटक रहे हैं। कंपनी के कर्मी लोगों से दुर्व्यवहार कर रहे हैं।
कंपनी की मनमानी पर मौन क्यों शहर के विधायक
पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि शहर के विधायक और शिक्षा मंत्री कंपनी की मनमानी पर मौन हैं। लोगों की तकलीफ नहीं समझ रहे। कंपनी के कैश काउंटरों पर बुजुर्गों से दुर्व्यवहार किया जा रहा है, इसलिए सीसीटीवी कै मरे लगाए जाने चाहिए। शहर की मेयर लाचार हैं।
इनको भी भारी भरकम बिल दिया है। कंपनी के लोग मीटर चेक करने तक नहीं जा रहे। उन्होंने मांग उठाई की हाउस में कंपनी को हर महीने पानी बिल जारी करने के आदेश जारी किए जाएं। मर्ज एरिया में रहने वाले लोगों को घरेलू दरों पर पानी बिल जारी करने पर भी फैसला हो।