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कोरोना वायरस: इस साल बिना जन सुनवाई तय होंगी बिजली दरें

Sun, 03 May 2020 10:48 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 03 May 2020 10:48 AM IST
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Coronavirus: electricity rates to be decided this year without public hearing
विद्युत - फोटो : सोशल मीडिया

कोरोना के खौफ के चलते इस साल बिना जन सुनवाई प्रदेश में बिजली दरें तय होंगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरें तय करने को प्रस्तावित जन सुनवाई स्थगित कर दी है। जनता से ई-मेल से 12 मई तक सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने को कहा है। संभावित है कि 20 मई के बाद नई दरों को लेकर खुलासा हो सकता है।

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राज्य विद्युत नियामक आयोग बिजली दरें तय करने से पहले हर साल जन सुनवाई करता है। विभिन्न हित धारकों के सुझाव और आपत्तियां दूर करने के बाद बिजली दरें तय की जाती हैं। इस बार भी 26 मार्च को जन सुनवाई के लिए तारीख रखी थी। लॉकडाउन में उसे स्थगित कर नई तारीख बाद में घोषित करने की बात कही थी। तीसरे चरण का लॉकडाउन होने से आयोग ने जन सुनवाई को स्थगित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। आयोग सचिव ने बताया कि लोगों के सुझाव और आपत्तियों के आधार पर ही बिजली दरें तय की जाएंगी।
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बोर्ड ने मांगी है साढ़े आठ फीसदी की बढ़ोतरी
बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग से बिजली दरों में 8.73 फीसदी की बढ़ोतरी मांगी है। 487 करोड़ के राजस्व घाटे का हवाला देते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 6000 करोड़ के वार्षिक राजस्व की जरूरत बताई है। बीते साल के मुकाबले इस बार बोर्ड ने 882 करोड़ की अधिक मांग की है। आयोग को भेजी पिटीशन में हिमाचल के 21 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और 30 हजार औद्योगिक घरानों को दी जाने वाली बिजली सप्लाई को 8.73 फीसदी दर से बढ़ाने की मांग की है।
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2019 में आयोग ने बोर्ड के 5117.95 करोड़ के वार्षिक राजस्व जरूरत को पूरा करने के लिए घरेलू बिजली प्रति यूनिट पांच पैसे और उद्योगों को दी जाने वाली बिजली को दस पैसे प्रति यूनिट की दर से बढ़ाया था। बावजूद इसके बोर्ड को 2019-20 में 487.88 करोड़ का घाटा हुआ है। ऐसे में बोर्ड ने 2020-21 के लिए 6000.52 करोड़ के वार्षिक राजस्व जरूरत का प्रस्ताव आयोग को भेजा है। 2017-18 और 2018-19 में घरेलू बिजली की दरें नहीं बढ़ाई थीं। साल 2016 में घरेलू बिजली साढ़े तीन फीसदी महंगी हुई थी।


बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं तो करें ई-मेल
नई बिजली दरों में आप बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं तो राज्य विद्युत नियामक आयोग की ई मेल आईडी : hperc@rediffmail.com पर अपने सुझाव और आपत्तियां भेज सकते हैं।

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