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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Continuous hearing in Yug murder case from November 16

Himachal High Court: युग हत्याकांड के मामले में 16 नवंबर से होगी लगातार सुनवाई

Wed, 12 Oct 2022 11:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 12 Oct 2022 11:11 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में युग हत्याकांड मामले पर 16 नवंबर से लगातार सुनवाई होगी। 

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Continuous hearing in Yug murder case from November 16
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में युग हत्याकांड मामले पर 16 नवंबर से लगातार सुनवाई होगी। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि मामले पर सुनवाई लगातार करने की कोशिश की जाएगी। फिरौती के लिए बच्चे की हत्या करने वाले दोषियों को सत्र न्यायाधीश शिमला ने फांसी की सजा सुनाई है। नियमानुसार इस निर्णय की पुष्टिकरण करने के लिए निचली अदालत ने हाईकोर्ट को मामला भेजा है। युग हत्याकांड के तीनों दोषियों ने भी अपील के माध्यम से सत्र न्यायाधीश के फैसले को चुनौती दी है।   फिरौती के लिए चार साल के मासूम युग का अपहरण और निर्मम हत्या के लिए चंद्र शर्मा, तेजिंद्र पाल और विक्रांत बख्शी को दोषी ठहराया है। सत्र न्यायाधीश शिमला की अदालत सभी को फांसी की सजा सुनाई है। 6 सितंबर 2018 को  सजा सुनाते हुए न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत ने इस अपराध को दुर्लभ में दुर्लभ श्रेणी के दायरे में पाया था। तीनों दोषियों ने 14 जून 2014 को शिमला के रामबाजार से फिरौती के लिए युग का अपहरण किया था। पुलिस ने अपहरण के दो साल बाद अगस्त 2016 में भराड़ी पेयजल टैंक से युग का कंकाल बरामद किया था। दोषियों ने मासूम के शरीर में पत्थर बांधकर उसे जिंदा पानी से भरे टैंक में फेंक दिया था।

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आइस स्केटिंग रिंक मामले  पर सरकार से जवाब-तलब 
 प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला आइस स्केटिंग रिंक को खाली करने के मामले पर सरकार से चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने पर्यटन विभाग से स्केटिंग रिंक को विकसित करने बारे जानकारी तलब की है। मामले की सुनवाई अब 16 नवंबर को होगी। जिला युवा एवं खेल अधिकारी ने आइस स्केटिंग रिंक को 14 सितंबर तक खाली करने के आदेश दिए थे। अदालत ने इन आदेशों पर रोक लगा दी है। अदालत को बताया गया कि सभी मौसमों के लिए रिंक को विकसित करने संबंधी प्रोजेक्ट रिपोर्ट राज्य सरकार के पास भेजी है। इस मामले में अदालत ने हिमाचल पथ परिवहन निगम को प्रतिवादी बनाया है। रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट की ओर से अदालत को बताया कि आइस स्केटिंग रिंक में रखी निर्माण सामग्री 30 नवंबर तक हटा दी जाएगी। शिमला आइस स्केटिंग रिंक की स्थापना वर्ष 1920 में ब्लेसिंग्टन ने की थी। इस दौरान टेनिस कोर्ट को आइस स्केटिंग रिंक में बदला था। यह क्लब पूरे दक्षिण एशिया में स्थापित होने वाला पहला क्लब था। वर्ष 1975 में क्लब ने इसे राज्य सरकार से लीज पर लिया था। 

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