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हिमाचल में अगले साल शुरू होगी छठी कक्षा से कंप्यूटर और वोकेशनल शिक्षा

Wed, 26 Aug 2020 10:31 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 26 Aug 2020 10:31 AM IST
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Computer and vocational education will start next year in Himachal from sixth grade
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय

नई शिक्षा नीति को हिमाचल में लागू करने की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अफसरशाही ने होमवर्क करना शुरू कर दिया है। इसे प्रदेश में चरणबद्ध लागू किया जाएगा। नई नीति के तहत शामिल ऐसे कार्य जो पहले से चल रहे हैं, उन्हें पहले चरण में विस्तार देने की तैयारी शुरू कर दी है। अगले साल छठी कक्षा से कंप्यूटर और वोकेशनल शिक्षा अनिवार्य कर दी जाएगी। अभी नवीं कक्षा से ये विषय पढ़ाए जा रहे हैं। 

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प्री प्राइमरी स्कूलों की संख्या भी बढ़ेगी। अभी 3840 स्कूलों में नर्सरी-केजी की कक्षाएं लग रही हैं, जो अगले साल तक अन्य स्कूलों में भी लगेंगी। आंगनबाड़ी केंद्र भी प्री प्राइमरी से जुड़ेंगे। दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले सरकारी स्कूलों का एक क्लस्टर बनेगा। इसमें प्राइमरी, मिडल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल होंगे। क्लस्टर के किसी स्कूल में किसी विषय के शिक्षक की कमी है तो अन्य स्कूल से शिक्षक जाएगा। मिड-डे मील में ब्रेकफास्ट भी होगा।
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बोर्ड कक्षाओं की साल में दो बार परीक्षाएं
दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं होंगी। परीक्षार्थियों को अंक सुधार के लिए केंद्र सरकार ने दो बार परीक्षाएं देने का प्रावधान किया है। अगर फाइनल परीक्षा में अंक कम हैं तो विद्यार्थी दूसरी परीक्षा भी दे सकेगा। तीसरी, पांचवीं, आठवीं कक्षा की परीक्षाएं स्कूल लेंगे। पहली, दूसरी, चौथी, छठी और सातवीं के विद्यार्थी असेसमेंट आधार पर प्रमोट होंगे। नौवीं और ग्यारहवीं की परीक्षा भी स्कूल अपने स्तर पर लेंगे।
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स्ट्रीम सिस्टम होगा खत्म, इच्छा अनुसार चुन सकेंगे विषय
 विद्यार्थी अब नौवीं से जमा दो तक अपनी इच्छा से विषय चुनेंगे। इससे पहले ग्यारहवीं से साइंस, कॉमर्स व आर्ट्स जैसी स्ट्रीम ही विद्यार्थियों को लेनी पड़ती थी। स्ट्रीम सिस्टम को अब खत्म कर नौवीं कक्षा से ही विद्यार्थी अपनी इच्छा अनुसार विषय चुन सकेंगे। आर्ट्स के साथ साइंस, कॉमर्स के साथ आर्ट्स जैसे कोई भी मनपसंद विषय लेकर पढ़ाई कर सकेंगे। इसमें विज्ञान, गणित, आईटी और वोकेशनल विषय कोर विषय रहेंगे। 

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से ही होंगे शिक्षकों के तबादले
हिमाचल में बीते दो वर्षों से फाइलों में घूम रही शिक्षकों के तबादले करने के लिए बनाई ऑनलाइन नीति को भी नई शिक्षा नीति में अनिवार्य तौर पर लागू करने को कहा है। केंद्र के इस प्रावधान के बाद अब हिमाचल में भी जल्द ही कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से शिक्षकों के तबादले करने की नीति को लागू करना होगा।

कॉलेजों में कभी भी छोड़कर शुरू कर सकेंगे पढ़ाई

कॉलेजों में पढ़ाई करने की व्यवस्था को भी नई नीति के तहत बदला जाएगा। इसके तहत विद्यार्थी कभी पढ़ाई छोड़ सकेंगे और दोबारा शुरू कर सकेंगे। तीन साल तक पढ़ाई करने वालों को डिग्री, दो साल पढ़ने वालों को डिप्लोमा और एक साल पढ़ने वाले को सर्टिफिकेट मिलेगा।

बीएड भी चार साल की होगी। कॉलेजों में फर्स्ट ईयर से ही एजूकेशन विषय होगा। तीन साल कॉलेज की पढ़ाई समाप्त करने के बाद एक साल की बीएड में पीजी होगी। नई नीति के तहत एमफिल खत्म कर सीधे पीएचडी होगी।

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