{"_id":"667d5a90de63714dec06b0f9","slug":"cm-sukhvinder-sukhu-said-will-implement-early-childhood-care-education-tutor-scheme-2024-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal: सीएम सुक्खू बोले- प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, शिक्षा अनुशिक्षक योजना लागू करेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal: सीएम सुक्खू बोले- प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, शिक्षा अनुशिक्षक योजना लागू करेंगे
Thu, 27 Jun 2024 05:58 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 27 Jun 2024 05:58 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा अनुशिक्षक योजना शुरू करने जा रही है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जा सके।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार 3-6 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा अनुशिक्षक योजना शुरू करने जा रही है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में प्राथमिक विद्यालयों के परिसरों में 6,297 प्री-प्राइमरी अनुभाग संचालित किए जा रहे हैं, जहां लगभग 60 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त इन प्राथमिक विद्यालयों के साथ 2,377 आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित किए गए हैं।
विज्ञापन
गुरुवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत राज्यों के शिक्षा विभाग को व्यापक प्रारंभिक बाल्य देखभाल और शिक्षा कार्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया गया है। शिक्षा विभाग प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा कार्यक्रम के सभी चार प्रारूपों को लागू करेगा। उन्होंने कहा कि इन चार प्रारूपों के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों, पूर्व में स्थापित प्री-प्राइमरी स्कूलों में पढ़ रहे 5-6 वर्ष की आयु के बच्चे और प्री-प्राइमरी स्कूलों को शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 6,297 विद्यालयों के लिए राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षा परिषद के नियमानुसार अनुशिक्षक रखेगी। सरकार की यह पहल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। सुक्खू ने कहा कि विद्यार्थियों को उनके घर के समीप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का समावेश करना प्रदेश सरकार का मूल ध्येय है। प्रदेश सरकार शिक्षकों के विभिन्न पदों को भरने जा रही है और इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने जा रही है।
विज्ञापन