सीएम जयराम बोले- चालकों की मांगों पर विचार करेगी सरकार
- बोले- एचआरटीसी में 35 साल सेवाएं देने के बाद भी इसी पद से हो रहे रिटायर
- मंडी में हुआ हिमाचल सड़क परिवहन निगम चालक संघ का स्थापना दिवस कार्यक्रम
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार चालकों की पदोन्नति की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेगी। चिंता की बात यह है कि चालक 30 से 35 साल तक सेवाएं देने के बावजूद चालक पद से ही रिटायर हो रहे हैं। इनकी पदोन्नति का कोई रास्ता नहीं है। सीएम शुक्रवार को मंडी के विपाशा सदन में हिमाचल सड़क परिवहन निगम चालक संघ के 9वें राज्य स्तरीय स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने एचआरटीसी के चालकों और परिचालकों को उनकी सारी बकाया राशि समय पर दी है। राज्य के लोगों को बेहतर एवं आरामदायक परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए एचआरटीसी के बेड़े में 200 नई बसें जोड़ी गई हैं। बजट में 377 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालकों ने कोरोना महामारी के दौरान देश के अन्य राज्यों में फंसे हिमाचल वासियों को घर लाने में मुख्य भूमिका निभाई है। राजस्थान के कोटा से छात्र वापस घर लाए गए। चालक संघ ने सीएम को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 1.51 लाख रुपये का चेक भी भेंट किया।
इससे पहले हिमाचल सड़क परिवहन निगम चालक संघ के संस्थापक सत्य प्रकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कहा कि एचआरटीसी के चालक राज्य के लोगों को 24 घंटे निरंतर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोरोना महामारी ने राज्य की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, लेकिन सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि चालकों को समय पर वेतन मिले, जिससे उनके परिवारों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार भी जताया।
2021 जनगणना बनेगी नए नगर निगमों की जनसंख्या का आधार: सीएम
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 2021 की जनगणना के नए आंकड़े सूबे में बनाए गए तीन नए नगर निगमों का आधार बनेंगे। इससे शहरी क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ेगी। अगर निगम के लिए चालीस हजार जनसंख्या की शर्त शहरी क्षेत्र में ही पूरी हो जाएगी तो इसमें मर्ज ग्रामीण क्षेत्र पुन: इससे बाहर होने का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
महाशिवरात्रि के शुभारंभ से पहले शुक्रवार को छोटी काशी मंडी के तलयाहड़ में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले जनसंख्या की शर्त पूरी करने के लिए कुछ गांवों को शहरी में शामिल करना पड़ा है। कई स्थानों पर लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद गांव से संबंध रखते हैं और ग्रामीणों की भावनाएं समझते हैं।
गांवों में तीन वर्ष के लिए कोई टैक्स नहीं लगाने का निर्णय किया गया है और गांवों की मांग होगी तो सरकार पांच साल तक कोई टैक्स नहीं लगाएगी। इसके साथ ही गांवों के हक-हकूक पहले की तरह बरकरार रखे जाएंगे। नगर निगम में भी मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत काम दिया जाएगा।
देवताओं और बजंतरियों के मानदेय में पांच फीसदी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के शुभारंभ पर देवताओं का नजराना पांच फीसदी और बजंतरियों का मानदेय भी पांच फीसदी बढ़ाने का एलान किया है। कहा कि कोविड का संकट बड़ा है। अब हिमाचलवासी इससे बाहर निकल रहे हैं।
देवी-देवताओं के आशीर्वाद से ही महाशिवरात्रि मेला संभव हो पाया है। कोविड के हालात देखकर लगता नहीं था कि इस बार यह मेला होगा। इस बार महाशिवरात्रि मेला प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष पूरे होने पर स्वर्णिम महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जा रहा है। 15 अप्रैल को स्वर्णिम यात्रा का आगाज होगा।