फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Civil engineer set up cashew business, earning one lakh every month in mandi himachal

उपलब्धि: सिविल इंजीनियर ने खड़ा किया काजू का कारोबार, हर महीने कमा रहे एक लाख

Sat, 11 Dec 2021 11:49 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Sat, 11 Dec 2021 11:49 AM IST
सार

आशीष महीने में करीब एक लाख रुपये कमा रहे हैं। इंजीनियरिंग करने के बाद आशीष ने नौकरी नहीं, स्वरोजगार को अपनाने की ठानी। सेहत और दिमाग के लिए रामबाण काजू के व्यवसाय में इंजीनियर वाला दिमाग लगाया। आशीष ने बताया कि मार्च 2020 में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में उनके प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिली थी।

विज्ञापन
Civil engineer set up cashew business, earning one lakh every month in mandi himachal
सिविल इंजीनियर आशीष कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर के सिविल इंजीनियर आशीष कुमार ने साबित कर दिया कि नौकरी ही सब कुछ नहीं। स्वरोजगार अपनाकर भी तरक्की की जा सकती है। 32 साल के युवा ने काजू की प्रोसेसिंग-पैकेजिंग में स्वरोजगार पाया और दूसरों लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। आशीष महीने में करीब एक लाख रुपये कमा रहे हैं। इंजीनियरिंग करने के बाद आशीष ने नौकरी नहीं, स्वरोजगार को अपनाने की ठानी। सेहत और दिमाग के लिए रामबाण काजू के व्यवसाय में इंजीनियर वाला दिमाग लगाया।

विज्ञापन


आशीष ने बताया कि मार्च 2020 में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में उनके प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिली थी। कोविड-19 के चलते काम शुरू करने में छह से आठ महीने निकल गए। नवंबर 2020 से आरडा कैश्यू हाउस नाम से अपनी यूनिट शुरू की। बैंक से 27 लाख रुपये का केस बनाया। सरकार ने 5.11 लाख रुपये की सब्सिडी दी। काजू के साइज और ग्रेडिंग के लिए सूरत (गुजरात) से मशीनरी लाई। गांव की सात महिलाएं प्लांट में नियमित काम कर रही हैं।
विज्ञापन


इसके अलावा गांव की 20 से ज्यादा महिलाओं को समय-समय पर काजू की छंटाई के काम दिया जाता है। यह महिलाएं छंटाई के लिए काजू अपने घर ले जाती हैं। इसके लिए उन्हें 25 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से भुगतान किया जाता है। तकनीकी काम के लिए दूसरे राज्यों के 5 लोग भी प्लांट में काम पर रखे हैं। उन्होंने बताया कि सारा खर्च निकालकर हर महीने से एक लाख रुपये कमा रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रोजाना प्रोसेस हो 100 किलो काजू
आशीष चार महीने देश के अलग-अलग राज्यों से कच्चा काजू मंगवाते हैं। बाकी 8 महीने अफ्रीका से काजू मंगवाया जाता है। प्लांट में प्रोसेसिंग और पैकेजिंग करवाते हैं। इस काजू की मंडी के साथ-साथ हमीरपुर और कुल्लू में भी सप्लाई हो रही है। यह 600 से लेकर 1600 रुपये तक प्रतिकिलो के हिसाब से बिकता है। रोजाना करीब 100 किलो काजू प्रोसेस होता है। इसके बाद पैकिंग की जाती है। 


आशीष युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना युवाओं को स्वरोजगार के अवसर दे रही है। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक युवाओं को इसमें लाभ दिया जाए। अरिंदम चौधरी, उपायुक्त, मंडी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed