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90 फीसदी भूमि अधिग्रहण के बाद शुरू होंगे केंद्र के प्रोजेक्ट, बैठक में फैसला
Fri, 14 Feb 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
गोपाल शर्मा, अमर उजाला, जुखाला (बिलासपुर)
गोपाल शर्मा, अमर उजाला, जुखाला (बिलासपुर)
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 14 Feb 2020 05:00 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
राज्य सरकार परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का 90 फीसदी काम पूरा कर लेगी, तभी केंद्र प्रायोजित प्रोजेक्ट शुरू होंगे। यह निर्णय दिल्ली में एनएचएआई अफसरों और हिमाचल के सांसदों की राष्ट्रीय राजमार्ग एवं भूतल मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक में लिया गया है।
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बैठक में शिमला-धर्मशाला फोरलेन पर चर्चा हुई। एनएचएआई इसे डबल लेन बनाने के पक्ष में था ताकि ज्यादा खर्च न हो और पहाड़ों को भी नुकसान न हो। लेकिन गडकरी ने इसे फोरलेन बनाने के आदेश दिए हैं। जहां पहाड़ को ज्यादा नुकसान का अंदेशा है, वहां पर दो अलग डबल लेन मार्ग बनाए जाएंगे।
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इस फोरलेन को पहले पैकेज नंबर पांच धर्मशाला-ज्वालाजी से शुरू किया जाना था। लेकिन अब निर्णय लिया गया है कि इसे दोनों तरफ पैकेज धर्मशाला-ज्वालामुखी व पैकेज नंबर 1 शिमला-शालाघाट से शुरू किया जाएगा ताकि इसके काम में तेजी आ सके। इस फोरलेन की घोषणा को करीब 3 वर्ष बीत चुके हैं।
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केंद्र से हरी झंडी के बाद इस राजमार्ग के धरातल पर उतरने की आस बंधी है। शिमला-धर्मशाला फोरलेन के परियोजना निदेशक वाई ए राउत ने कहा कि केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य सरकार अगर भूमि अधिग्रहण का 90 प्रतिशत कार्य पूरा करती है तभी केंद्र प्रायोजित प्रोजेक्ट शुरू होंगे। दिल्ली में हुई बैठक के आदेश आते ही इस फोरलेन को बनाने की कवायद शुरू होगी।