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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   CBI will investigate the death of Chief Engineer Vimal Negi, High Court gave orders

Vimal Negi Case: सीबीआई करेगी विमल नेगी माैत मामले की जांच, हाईकोर्ट ने दिए आदेश, जानें अब तक क्या-क्या हुआ

Fri, 23 May 2025 10:12 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 23 May 2025 10:12 PM IST
सार

प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी माैत मामले की जांच हिमाचल हाईकोर्ट ने सीबीआई को साैंपने के आदेश पारित किए हैं। 

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CBI will investigate the death of Chief Engineer Vimal Negi, High Court gave orders
विमल नेगी(फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। हाईकोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ओंकार शर्मा की प्रशासनिक जांच रिपोर्ट और डीजीपी अतुल वर्मा के हलफनामे को आधार बनाकर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि सीबीआई की जांच टीम में हिमाचल कैडर का कोई अधिकारी शामिल नहीं होगा। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा, विमल नेगी की मौत से पहले उनके परिवार वालों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट मुख्यमंत्री, गृह विभाग और सीआईडी को दी थी। दो महीने बीत जाने के बाद भी शिमला पुलिस की एसआईटी ने परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की।

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अदालत ने अपने फैसले में ये कहा
अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से दी रिपोर्ट पर सरकार चुपचाप बैठी रही और एसआईटी की जांच पर भरोसा करती रही। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी और एसआईटी के बीच जांच को लेकर मतभेद के चलते मामला सीबीआई को सौंपा जा रहा है। अदालत ने एसीएस और डीजीपी की रिपोर्ट के आधार पर एसपी शिमला की एसआईटी की जांच पर भी प्रश्नचिह्न लगाए हैं। कहा, एसआईटी ने दो महीने से अधिक समय से इस संबंध में कोई ठोस जांच नहीं की है, जबकि मृतक का परिवार शुरू से ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की शिकायत कर रहा है। कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि सीबीआई निष्पक्ष और शीघ्रता से जांच पूरी करेगी। मामला आत्महत्या से जुड़ा है या हत्या से, सीबीआई इसके बारे में सच्चाई सामने आएगी।

जानिए मामले में कब क्या हुआ

  • 10 मार्च 2025 : चीफ इंजीनियर विमल नेगी शिमला से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए।
  • 11 मार्च : पत्नी किरण नेगी की शिकायत पर थाना सदर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
  • 15 मार्च : डीजीपी ने एडीजीपी हेडक्वार्टर ज्ञानेश्वर सिंह की निगरानी में डीएसपी अमित कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई। इसमें एसएचओ सदर धर्मसेन नेगी, एसएचओ घुमारवीं अमिता देवी, एएसआई सदर यशपाल को शामिल किया।
  • 18 मार्च : विमल नेगी का शव जिला बिलासपुर में गोबिंद सागर झील से थाना तलाई के अंतर्गत गाह धनीपखर से बरामद।
  • 19 मार्च : एम्स बिलासपुर में पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
  • 19 मार्च : शाम को परिजनों ने शव एचपीपीसीएल मुख्यालय बीसीएस शिमला में रखकर चक्का जाम और प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉरपोरेशन के उच्च अधिकारियों पर प्रताड़ित और गलत काम करने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए।
  • 19 मार्च : किरण नेगी की शिकायत पर थाना न्यू शिमला में कॉरपोरेशन के निदेशक देशराज, एमडी हरिकेश मीणा और निदेशक शिवम प्रताप सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।
  • 19 मार्च : प्रदेश सरकार ने निदेशक देशराज को सस्पेंड किया और आईएएस व एमडी पॉवर कॉरपोरेशन हरिकेश मीणा को पद से हटाया।
  •  
  • 19 मार्च : प्रदेश सरकार ने हाई पावर कमेटी का गठन किया गया। इसका जिम्मा अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को सौंपा गया।
  • 20 मार्च : विमल नेगी का उनके पैतृक गांव कटगांव किन्नौर में अंतिम संस्कार किया गया।
  • 20 मार्च : एसपी शिमला ने एएसपी नवदीप सिंह की अध्यक्षता में विमल नेगी के मौत के कारणों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। इसमें डीएसपी शक्ति सिंह, डीएसपी विक्रम चौहान, इंस्पेक्टर मनोज कुमार शामिल थे।
  • 26 मार्च : प्रदेश उच्च न्यायालय ने देशराज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।
  • 4 अप्रैल : देशराज को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली।
  • 7 अप्रैल : आईएएस हरिकेश मीणा को प्रदेश उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली।
  • 21 अप्रैल : विमल नेगी की पत्नी ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
  • 20 मई : प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिमला पुलिस को कोर्ट की अनुमति के बिना चार्जशीट दायर नहीं करने पर आदेश दिए।
  • 21 मई : प्रदेश उच्च न्यायालय ने सीबीआई को जांच सौंपने की याचिका का फैसला सुरक्षित रखा।
  • 23 मई : प्रदेश उच्च न्यायालय ने विमल नेगी मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए।


 
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विमल नेगी 10 मार्च को लापता हो गए थे। अगले दिन परिवार वालों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। 18 मार्च को नेगी का शव बिलासपुर में गोबिंदसागर झील में मिला। परिजनों ने पावर कॉरपोरेशन के एमडी हरिकेश मीणा, निदेशक देसराज और शिवम प्रताप सिंह पर विमल नेगी को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने इन आरोपों के आधार पर जांच नहीं की और न आज तक इसमें किसी गिरफ्तारी हुई।

परिजनों के बयान
विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने कहा कि प्रदेश उच्च न्यायालय के सीबीआई जांच के निर्णय से संतुष्ट हैं। जल्द ही पूरे मामले को लेकर प्रेसवार्ता के माध्यम से अपना पक्ष रखूंगी। उच्च न्यायालय ने परिवार के दर्द को समझा और उन्हें न्याय दिलवाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी को जांच के निर्देश दिए हैं।

मामले में अपील नहीं करेगी सरकार : अनूप
महाधिवक्ता अनूप रतन ने कहा कि सरकार इस मामले में अपील दायर नहीं करेगी। न्यायालय ने सीबीआई को मामला सौंप दिया है। पुलिस की एसआईटी ने मामले में गहनता से जांच की है। अगर अदालत जांच के लिए और समय देती तो सच्चाई सबके सामने आ जाती। महाधिवक्ता ने कहा कि सरकार परिवारजनों को इंसाफ दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

सीबीआई करेगी मामले में निष्पक्ष जांच : बावा
विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आरके बावा ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सीबीआई मामले की जांच निष्पक्षता से करेगी। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह की रिपोर्ट को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। डीजीपी की रिपोर्ट पर भी एसआईटी पर सवाल उठाए हैं। परिवारजनों ने शुरू से ही सरकार पर आरोप लगाए हैं कि वह बड़े अधिकारियों को बचा रही है।

विमल नेगी को धोखे से ले जाकर की गई हत्या : सुरेंद्र नेगी
प्रदेश उच्च न्यायालय ने जो निर्णय दिया है, हम उसके लिए आभार प्रकट करते हैं। भविष्य में जिन अधिकारियों ने हमारे भाई के केस को दबाने की कोशिश की है, उसको लेकर सड़कों पर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा। जब हम भाई के शव को एचपीपीसीएल कार्यालय के बाहर लाया था,तभी हमारा हिमाचल सरकार के ऊपर विश्वास खत्म हो गया था। जांच में तथ्यों को दबाने की कोशिश की गई है। हमें विश्वास था कि कोर्ट से न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि जांच में तथ्यों को दबाने की कोशिश की गई है। पुलिस ने जांच में कोई काम नहीं किया। मैं खुद भाई के मामले से जुड़े सबूतों को सामने रखा, तब पुलिस ने पेन ड्राइव और मोबाइल की तलाश करने की कोशिश की। जिसने पेन ड्राइव निकाला है, उसी के पास ही मोबाइल है। पुलिस ने उल्टा हमारी की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। -सुरेंद्र नेगी, विमल नेगी के भाई

प्रदेश उच्च न्यायालय का आभार प्रकट करता हूं। हमें पूरा विश्वास था कि हमें न्यायालय से ही न्याय मिलेगा। पुलिस ने पहले दिन से ही सबूत मिटाने की कोशिश की गई। हाईकोर्ट के आदेशों से हमें कुछ संतुष्टि मिली है। विमल नेगी की मौत से अभी तक परिवार दुखों से गुजर रहा है। हमें उम्मीद सीबीआई जांच में हमें न्याय मिलेगा। हमारी किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार की तरफ से हमें किसी तरह का साथ नहीं मिला। -राजेंद्र नेगी, विमल नेगी के मामा

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