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CBI Court Shimla: फर्जी केसीसी लोन मामले में पूर्व बैंक प्रबंधक दोषी करार
Wed, 08 Jun 2022 11:25 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 08 Jun 2022 11:25 PM IST
सार
कुल्लू स्थित पीएनबी की शाखा में 26 फर्जी केसीसी लोन स्वीकृत करके एक करोड़ 12 लाख की चपत लगाने पर अदालत ने पूर्व बैंक प्रबंधक को दोषी ठहराया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
फर्जी केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन की आड़ में पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) को एक करोड़ 12 लाख की चपत लगाने वाले आरोपियों को विशेष न्यायाधीश सीबीआई शिमला ने दोषी ठहराया है। पूर्व बैंक प्रबंधक शिवदयाल बोध, मीने राम और ताशी फुंचोग के खिलाफ सीबीआई ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया था। कुल्लू स्थित पीएनबी की शाखा में 26 फर्जी केसीसी लोन स्वीकृत करके एक करोड़ 12 लाख की चपत लगाने पर अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया है।
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इन्हें आगामी 18 जून को इस जुर्म के लिए सजा सुनाई जाएगी। मामले में पेश तथ्यों के अनुसार वर्ष 2010 से 2012 तक दोषी शिवदयाल बोध ने अपने ओहदे का दुरुपयोग कर बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर 26 फर्जी केसीसी लोन तैयार किए और एक करोड़ 12 लाख की राशि स्वीकृत की। इन फर्जी लोन को स्वीकृत करने के लिए फर्जी राजस्व दस्तावेजों का प्रयोग किया गया।
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बैंक के सर्कल हेड राजीव खन्ना की लिखित शिकायत पर सीबीआई ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की और विशेष न्यायाधीश सीबीआई शिमला की अदालत में अभियोग चलाया गया। अदालत ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों का अवलोकन कर और गवाहों के बयान को देखते हुए अपने निर्णय में कहा कि पूर्व बैंक प्रबंधक शिवदयाल बोध ने फर्जी दस्तावेज लगाकर मीने राम के पक्ष में केसीसी लोन स्वीकृत किया, जिसका दोषी ताशी फुंचोग ने सत्यापन किया। विशेष न्यायाधीश सीबीआई शिमला ने इस जुर्म के लिए तीनों को दोषी पाया है। आगामी 18 जून को इन्हें इस जुर्म के लिए सजा सुनाई जाएगी।
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