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प्रतिबंध के बाद भी पौंग झील क्षेत्र में घूम रहे मवेशी, प्रशासन ने घोषित किया है रेड जोन
Thu, 07 Jan 2021 12:13 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)
अमर उजाला नेटवर्क, नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 07 Jan 2021 12:13 PM IST
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पौंग झील क्षेत्र में घूम रहे मवेशी।
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पौंग बांध में प्रवासी परिंदों में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद संबंधित क्षेत्र में आवाजाही पर रोक लगाई गई है। बावजूद इसके टैग लगे बेसहारा दुधारू पशु पौंग झील के किनारे खाली क्षेत्र में घूम रहे हैं। इससे बर्ड फ्लू का वायरस पशुओं के जरिये इंसानों में भी फैल सकता है।
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डीएफओ राहुल रहाणे ने बताया कि पौंग झील क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद चरने के लिए छोड़े जा रहे दुधारू पशुओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है। नगरोटा सूरियां पुलिस चौकी प्रभारी सुरिंद्र राणा ने बताया कि पौंग झील क्षेत्र जहां तक प्रतिबंधित किया गया है, वहां लाल झंडे लगाकर रेड जोन घोषित कर दिया गया है। यदि रेड जोन क्षेत्र में कोई पशु चराने के लिए छोड़ता है तो 50 हजार रुपये जुर्माने और सजा का प्रावधान किया गया है।
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थानों में भेजा अतिरिक्त पुलिस बल
एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू फैलने के बाद पुलिस चौकस है। जवाली और देहरा पुलिस थानों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस टीमें पौंग झील के आसपास क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर रही हैं।
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डीसी आज करेंगे पौंग झील का दौरा
डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि बर्ड फ्लू को लेकर स्थिति नियंत्रण में है। अभी तक 3055 मृतक प्रवासी पक्षियों का आंकड़ा है। पोल्ट्री फार्म में अभी तक वायरस नहीं मिला है। स्थानीय पक्षियों के जालंधर भेजे सैंपल की रिपोर्ट दिन के भीतर आएगी। अभी तक करीब दर्जन स्थानीय कौओं की मौत हुई है, लेकिन इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।