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धर्मशाला: बिक्रम ठाकुर बोले- ग्रीन एनर्जी के नाम पर प्रदेश में हुआ सबसे बड़ा घोटाला

Mon, 23 Sep 2024 05:42 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 23 Sep 2024 05:42 PM IST
सार

पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के नाम पर देश का  सबसे बड़ा घोटाला हुआ है।

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Bikram Thakur said- The biggest scam in the state happened in the name of green energy
पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर व अन्य। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की जसवां परागपुर सीट के विधायक एवं पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के नाम पर देश का सबसे बड़ा घोटाला हुआ है। सोमवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में बिक्रम ठाकुर ने कहा कि ऊना के पेखूबेला में सौर ऊर्जा परियोजना का मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जुलाई माह में शिलान्यास किया है। उन्होंने कहा कि 32 मेगावाट के इस प्रोजेक्ट पर 220 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं जबकि गुजरात में 35 मेगावाट के सौर ऊर्जा परियोजना यानि तीन मेगावाट अधिक क्षमता वाले प्रोजेक्ट पर 144 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पेखूबेला प्रोजेक्ट की मेंटनेंस संबंधित कंपनी आठ साल तक करेगी, जबकि गुजरात में कम लागत के बावजूद कंपनी दस साल तक प्रोजेक्ट की मेंटनेंस कर रही है। नियमों के मुताबिक सोलर प्रोजेक्ट पर 4.11 करोड़ रुपये प्रति यूनिट खर्च करना होता है, जबकि ऊना के पेखूबेला में 6.84 करोड़ प्रतियूनिट खर्च किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि सरकार ने 2.90 रुपये प्रति यूनिट बिजली बेचने का निर्णय लिया है, इससे आने वाले 25 साल में भी प्रोजेक्ट की लागत पूरी नहीं हो पाएगा। ठाकुर ने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट को लगाने से पूर्व वहां भूमि का सर्वे करवाया जाता है, लेकिन ऊना में आंखें बंद कर प्रोजेक्ट लगा दिया गया, जिसका अधिकांश हिस्सा इस बरसात में आई बाढ़ के कारण बह गया है।

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ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्टों के लिए प्रदेश सरकार ने 500 करोड़ रुपये कर्ज लिया, लेकिन प्रोजेक्ट महज एक ही लग रहा है। बिक्रम ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने ऐसे अफसर महत्वपूर्ण विभागों में लगा रखे हैं, जिनको लेकर कई बार उंगलियां उठती रही हैं। यही नहीं चंबा जिले के पांच प्रोजेक्ट को देरी के लिए पांच करोड़ का जुर्माना लगा दिया गया। कुल मिलाकर इस सरकार ने लूट मचा रखी है। डेढ़ माह में सीमेंट के दाम 25 रुपये तक बढ़ चुके हैं। लेकिन सरकार ने एक बार भी सीमेंटकंपनियों के प्रबंधकों से बात नहीं की। प्रदेश में 68 विस क्षेत्र हैं, लेकिन सीएम महज देहरा में ही विकास को लेकर फोक्स कर रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि बाकि विस क्षेत्र भी हिमाचल प्रदेश का हिस्सा हैं और सीएम को उन विधानसभा क्षेत्र के बारे में भी सोचना चाहिए, जहां पर सत्ता संभालते ही उन्होंने सरकारी संस्थान बंद करवाए थे। कांगड़ा एयरपोर्ट के विरोध के मुद्दे पर बिक्रम ने कहा कि वह विधायक पवन काजल के साथ हैं। उजाड़ने से पूर्व लोगों को पहले अच्छी तरह से बसाना चाहिए। इस मौके पर विधायक, पवन काजल, प्रवक्ता संजय शर्मा, पूर्व विधायक विशाल नैहरिया, जिला अध्यक्ष सचिन शर्मा, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विश्व चक्षु समेत अन्य मौजूद रहे।

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