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हिमाचल: बिलासपुर-बैरी रेललाइन, सोलन से कैथलीघाट तक एनएच की फोरलेनिंग का काम होगा शुरू
Sat, 18 Dec 2021 11:45 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 18 Dec 2021 11:45 AM IST
सार
विश्व बैंक फंडिंग वाले हमीरपुर-मंडी एनएच के दो लेन के अपग्रेडेशन, सराहां के कवाग धार में हेलीपैड के निर्माण, पंडोह से बगलामुखी माता मंदिर तक रोप-वे, एनडीआरएफ की कंपनी के लिए रामपुर में वन भूमि के प्रयोग को मंजूरी दी गई है।
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भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट से लंबे समय से फॉरेस्ट कंजरवेशन एक्ट (एफसीए) और फॉरेस्ट राइट्स एक्ट (एफआरए) के तहत 460 केसों को हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश में नए सिरे से विकास को रफ्तार मिलेगी। सुप्रीमकोर्ट ने जिन प्रोजेक्टों को मंजूरी दी है, उनमें सोलन से कैथलीघाट तक नेशनल हाईवे की फोरलेनिंग, मक डंपिंग के लिए 17 हेक्टेयर वन भूमि के इस्तेमाल के अलावा भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी न्यू रेललाइन के पार्ट दो और तीन शामिल हैं।
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विश्व बैंक फंडिंग वाले हमीरपुर-मंडी एनएच के दो लेन के अपग्रेडेशन, सराहां के कवाग धार में हेलीपैड के निर्माण, पंडोह से बगलामुखी माता मंदिर तक रोप-वे, एनडीआरएफ की कंपनी के लिए रामपुर में वन भूमि के प्रयोग को मंजूरी दी गई है। सुप्रीमकोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद अब प्रदेश सरकार संबंधित एजेंसियों को इस संबंध में लिखित अनुमति जारी करेगी।
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने वन भूमि के प्रयोग पर हिमाचल में रोक लगा रखी है। ऐसे मामलों में सरकार को पहले एफसीए और एफआरए से जुड़ी सारी सरकारी प्रक्रिया पूरी कर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ती है। वहां से अनुमति मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अनुमति मांगी जाती है। समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट प्रदेश सरकार की इन याचिकाओं पर सुनवाई कर अनुमति पर फैसला लेती है।
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ये बड़े प्रोजेक्ट भी होंगे शुरू
- एचपीयू में टेनिस कोर्ट और एचआरडीसी भवन के बीच मल्टी स्टोरी पार्किंग कांप्लेक्स
- लेह-मनाली रोड पर पत्सियो में आईटीबीपी का नियमित ट्रांजिट कैंप
- मारकंडा पर 180 मीटर स्पैन बोस्ट्रिंग ब्रिज का निर्माण
- पतलीकूहल में बस अड्डे का निर्माण
- जोगिंद्रनगर के भदयाड़ा में एचआरटीसी की वर्कशॉप का निर्माण
- शिमला एयरपोर्ट की हवाई पट्टी के रखरखाव, एप्रन के विस्तार और अन्य कार्य
- मनाली में सिविल अस्पताल का निर्माण