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Shimla: भेड़ की खाल ओढ़कर कलाकारों ने पेश किया सिरमौर का भड़ाल्टू लोक नृत्य, पुस्तक मेले में दी प्रस्तुति

Sat, 02 Jul 2022 08:12 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 02 Jul 2022 08:12 PM IST
सार

मुंह पर राख मलकर, घास फूस के आभूषण पहने कलाकारों ने मंच पर आदिकाल में भेड़ पालकों द्वारा किए जाने वाला नृत्य प्रस्तुत किया। भेड़ पालक ईष्ट देव शिरगुल महाराज के समक्ष भेड़ बकरियों की रक्षा के लिए यह नृत्य करते थे।

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Bhadaltu folk dance of Sirmaur mesmerized audience at shimla, presentedin sheep's skin
सिरमौर का भड़ाल्टू लोक नृत्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला में चल रहे पुस्तक मेले के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान चूड़ेश्वर लोकनृत्य सांस्कृतिक मंडल के कलाकारों ने भेड़ की खाल ओढ़कर भड़ाल्टू नृत्य प्रस्तुत किया। मुंह पर राख मलकर, घास फूस के आभूषण पहने कलाकारों ने मंच पर आदिकाल में भेड़ पालकों द्वारा किए जाने वाला नृत्य प्रस्तुत किया। भेड़ पालक ईष्ट देव शिरगुल महाराज के समक्ष भेड़ बकरियों की रक्षा के लिए यह नृत्य करते थे। विलुप्त हो रहे इस नृत्य का मंचन जोगेंद्र हाब्बी की अगुवाई में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी हो चुका है। जोगेंद्र सिंह हाब्बी ने बताया कि इस नृत्य के गीत पद्मश्री विद्यानंद सरैक ने लिखे हैं। परिधान गोपाल हाब्बी ने बनाए हैं। चमन लाल, अमीचंद, नवीन, महिला कलाकारों में सरोज कुमारी, अनु चौहान, लक्ष्मी देवी व काजल ने नृत्य प्रस्तुत किया। गीत रामलाल वर्मा ने गाए। ढोलक व ढोल वादक कलाकारों में संदीप कुमार व रमेश, शहनाई पर बलदेव चौहान, बांसुरी पर देवीराम के अलावा अमन हाब्बी और सुनील कुमार ने साथ दिया। इससे पहले केंद्रीय विद्यालय के छात्रों ने योग क्रियाएं प्रस्तुत की। चंबा के भरमौर से आए लोक कलाकारों ने परंपरागत मुसादा गायन प्रस्तुत किया।  कुल्लू के लोक कलाकारों ने कुल्लवी नाटी भी प्रस्तुत की।

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पुस्तक मेले में किताबों पर 80 फीसदी तक पहुंची छूट
 एनबीटी की ओर से गेयटी थियेटर और पद्मदेव परिसर में लगाए गए पुस्तक मेले में शनिवार को प्रकाशकों और वितरकों ने पुस्तकों पर छूट बढ़ाकर 80 फीसदी तक कर दी। विशेषकर बाल साहित्य और धार्मिक पुस्तकों पर छूट में इजाफा किया गया है। नॉन फिक्शन किताबों पर भी भारी छूट दी जा रही है। दिल्ली के नायर बुक सर्विस (वितरक) प्रतियोगिता और आर्ट पुस्तकों में 50 से 70, जबकि बाल साहित्य पर 80 फीसदी छूट दी जा रही है। अरिहंत बुक डिस्ट्रीब्यूर  हिंदी साहित्य की पुस्तकें 100 रुपये, कॉफी टेबल बुक्स 499, बाल साहित्य 200 रुपये में भी उपलब्ध करवा रहे हैं, अन्य किताबों पर 70 फीसदी तक छूट दे रहे हैं। पैट्लस पब्लिशर्स पंजाब के प्रतिनिधि हरप्रीत मक्कड़ ने बताया कि किताबों पर अधिकतम 60 से 70 फीसदी तक छूट दी जा रही है।
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देवधरा हिमाचल की जानकारी का उत्कृष्ट संकलन : गुप्ता
 साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत द्वारा प्रकाशित लेखिका डॉ. रचना गुप्ता की पुस्तक ‘देवधरा’ पर चर्चा हुई। सचिव कला एवं साहित्य अकादमी केआर भारती और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुदर्शन वशिष्ट की मौजूदगी में साहित्यकारों ने पुस्तक पर अपने विचार रखे। सेतु पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि देवधरा हिमाचल की जानकारी का उत्कृष्ट संकलन है। लेखनी पर पत्रकार का प्रभाव दिखता है। पुस्तक में इनकी राजनैतिक और सामाजिक विषयों पर अच्छी जानकारी की झलक दिखती है। डॉ. सुदर्शन वशिष्ठ ने इस पुस्तक को पाठकों के लिए हिमाचल के संदर्भ में जानकारी परक  करार दिया।

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