Kullu News: डॉ. वीरेंद्र सिंह को सीबकथॉर्न पर सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र का पुरस्कार
इंटरनेशनल सीबकथॉर्न एसोसिएशन के सम्मेलन में डॉ. वीरेंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र का पुरस्कार मिला है। 22 से 25 मई तक चले इस सम्मेलन में दुनियाभर के करीब 100 से अधिक वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
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ग्रीस में इंटरनेशनल सीबकथॉर्न एसोसिएशन के सम्मेलन में डॉ. वीरेंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र का पुरस्कार मिला है। 22 से 25 मई तक चले इस सम्मेलन में दुनियाभर के करीब 100 से अधिक वैज्ञानिकों ने भाग लिया। इस वैश्विक सम्मेलन में डॉ. वीरेंद्र सिंह ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसमें भारत के अलावा जर्मनी, चीन, पाकिस्तान, एस्टोनिया, फिनलैंड, पोलैंड और ग्रीस सहित कई देशों के वैज्ञानिकों और उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के डीएसटी वित्तपोषित अनुसंधान परियोजना 2014-18 के तहत हिमाचल प्रदेश के लाहौल (कुकुमसेरी) में सीबकथॉर्न पर काम किया है।
उनका यह शोध पत्र 13 रूसी सीबकथॉर्न किस्मों के परिचय और मूल्यांकन पर आधारित था। उन्होंने बताया कि रूसी सीबकथॉर्न की कटाई करना आसान है, जो स्थानीय रूपों की तुलना में पांच गुना अधिक है। यह तेल और विटामिन-ई और कैरोटीनॉयड में बहुत समृद्ध है। यूरोप के 25 से अधिक देशों में इसका उपयोग हो रहा है। विश्व स्तर पर 200 से अधिक स्वास्थ्य पेय पदार्थ, चाय, सौंदर्य, तेल और दवाओं के उत्पादन में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। 2021 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी डॉ. वीरेंद्र सिंह सीबकथॉर्न गतिविधियों से जुड़े हैं और सीबकथॉर्न एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव हैं। इस दौरान अन्य देशों से आए विशेषज्ञों ने भी सीबकथॉर्न पर अपने-अपने शोध पत्र पेश किए।