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डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन: शिमला में ढाई हजार बैंक कर्मी हड़ताल पर, कामकाज रहा ठप

Thu, 16 Dec 2021 06:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 16 Dec 2021 06:43 PM IST
सार

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक नरेंद्र शर्मा ने प्रदर्शन के दौरान अपने संबोधन में कहा कि बैंकों का निजीकरण कर देश की अर्थव्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। इससे न सिर्फ बैंक कर्मियों का भविष्य अंधकारमय होगा बल्कि देश के आम लोगों को भी नुकसान झेलना पड़ेगा।

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bank strike 2021  shimla news: banking employees protest outside dc office shimla
बैंक हड़ताल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे बैंकों के निजीकरण के खिलाफ गुरुवार से शिमला के करीब 2500 बैंक कर्मी हड़ताल पर चले गए। बैंक शाखाओं पर पूरे दिन ताले लटके रहे जिस कारण ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी हालांकि एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं चालू रही। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले बैंक कर्मियों ने डीसी कार्यालय के बाहर 11 से 2 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। सैकड़ों बैंक कर्मी प्रदर्शन में शामिल हुए।

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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक नरेंद्र शर्मा ने प्रदर्शन के दौरान अपने संबोधन में कहा कि बैंकों का निजीकरण कर देश की अर्थव्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। इससे न सिर्फ बैंक कर्मियों का भविष्य अंधकारमय होगा बल्कि देश के आम लोगों को भी नुकसान झेलना पड़ेगा। कहा कि बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021 के जरिये बैंकों का निजीकरण कर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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किसी भी कीमत पर पब्लिक सेक्टर बैंकों का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। एईबीओसी के सह सचिव नरेंद्र चौहान ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से पेंशनर्स, किसान, छोटे कारोबारी, मजदूर का पैसा जो पब्लिक सेक्टर बैंकों में जमा है वह सुरक्षित नहीं रहेगा। 
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पंजाब नेशनल बैंक आफिसर एसोसियेशन के सर्कल सचिव ईश्वर सिंह नेगी ने कहा कि पब्लिक सेक्टर बैंकों में सरकार अपनी हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम करने जा रही है जिससे बैंकों पर पूंजीपतियों का नियंत्रण हो जाएगा। इतना ही नहीं एक अन्य संशोधन के तहत बैंकों में 5 लाख तक ही सुरक्षित रहेंगे। पब्लिक सेक्टर बैंक आम नागरिकों को सस्ती बैंकिंग सेवा उपलब्ध करवा रहे हैं।

लेकिन बैंकों का निजीकरण होने से बैंकिंग सेवाएं महंगी हो जाएंगी। बैंक कर्मियों के रोजगार पर भी बुरा असर पड़ेगा। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के प्रतिनिधि दिनेश शर्मा सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी संबोधित किया। शुक्रवार को भी बैंक कर्मी उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे। गुरुवार और शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार को पब्लिक सेक्टर बैंकों में कामकाज सामान्य रूप से होगा। हर माह पहले और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं। 18 दिसंबर को तीसरा शनिवार है इसलिए बैंक खुले रहेंगे। 


डेढ़ हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित
हड़ताल के पहले दिन शिमला शहर में करीब डेढ़ हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। पब्लिक सेक्टर बैंकों की शाखाओं में पैसे जमा करने, निकासी, चेक क्लीयरेंस, लोन मंजूरी सहित अन्य सभी काम बंद रहे। बैंक बंद रहने से शहर के कारोबारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

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