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ज्योतिष: गुरमीत बेदी बोले- अशुभ नहीं साल का पहला सूर्य ग्रहण, इसका सूतक काल भी नहीं होगा मान्य
Thu, 28 Apr 2022 08:58 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 28 Apr 2022 08:58 PM IST
सार
एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान शोध पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी के अनुसार यह सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल की मध्य रात्रि को 12:18 बजे से प्रारंभ होगा और इसका प्रभाव सुबह चार बजकर 10 मिनट तक रहेगा। उस दिन शनिचरी अमावस्या भी है।
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एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान शोध पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शनिचरी अमावस्या पर 30 अप्रैल को लगने जा रहा इस साल का पहला सूर्य ग्रहण अशुभ नहीं है। देश में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान शोध पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी के अनुसार यह सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल की मध्य रात्रि को 12:18 बजे से प्रारंभ होगा और इसका प्रभाव सुबह चार बजकर 10 मिनट तक रहेगा। उस दिन शनिचरी अमावस्या भी है। इसलिए धार्मिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण का महत्व रहेगा। इसके अलावा इसका ज्योतिषी महत्व भी रहेगा। \
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ग्रहण के एक दिन पहले शनि ढाई साल के बाद कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। वहां पहले से ही मंगल विराजमान हैं। ज्योतिष में शनि मंगल की एक ही राशि में युति द्वंद योग बनाती है, जिसे अशुभ माना जाता है। यह युति विश्व पटल में कुछ देशों में आपसी वैमनस्य बढ़ा सकती है और किसी बड़ी उथल-पथल की वजह बन सकती है। बेदी ने बताया कि साल का यह पहला सूर्य ग्रहण मेष राशि में लगेगा, लेकिन भारत में इसका प्रभाव नहीं होने की वजह किसी भी राशि के लोग इससे प्रभावित नहीं होंगे।
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