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विधानसभा शीतकालीन सत्र: विपक्ष को सियासी रणनीति में फंसाकर तोड़ा गतिरोध

Thu, 12 Dec 2019 12:45 PM IST
Krishan Singh सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 12 Dec 2019 12:45 PM IST
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Assembly Winter Session: Broke the deadlock by involving the opposition in political strategy
- फोटो : अमर उजाला

सत्तापक्ष ने कांग्रेस के विधायकों में सेंध लगाकर शीतकालीन सत्र में लगातार दो दिन से चल रहे गतिरोध को रणनीतिक रूप से तोड़ दिया। बेशक गतिरोध तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री से गलबहियां कीं लेकिन, विपक्ष ने इसके बावजूद मंगलवार रात को कांगड़ा जिले में निकले तथाकथित पत्र बम का मुद्दा उठाकर वाकआउट करने की रणनीति बनाई थी। 

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 प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा को आधार बनाकर पत्र बम फोड़ने का जिम्मा कांग्रेस विधायकों इंद्र दत्त लखनपाल और रामलाल ठाकुर को दिया गया था। मुकेश अग्निहोत्री और आशा कुमारी ने आग में घी डालना था। लेकिन, सत्तापक्ष ने पत्र बम के मुद्दे को रणनीतिक रूप से मैनेज कर लिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने सियासी मैनेजमेंट के लिए संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज को दूत बनाकर विपक्ष के पास भेजा।
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इससे पहले मंगलवार रात सत्तापक्ष ने विपक्ष में सियासी सर्जिकल स्ट्राइक की। आशा और रामलाल ने चर्चा के दौरान पत्र बम का जिक्र जरूर किया लेकिन यह भी कहा कि वह इसके बारे में नहीं कहना चाहते। इसके बाद मुकेश अग्निहोत्री विपक्ष की गैलरी में जाकर बैठ गए। इतना ही नहीं, सत्तापक्ष के अपने विधायकों को भी कूटनीतिक रूप से साधा ताकि पत्र बम के मुद्दे पर सदन में हंगामा न हो पाए। इसकी बानगी दिखी कि सदन में भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने जमकर विपिन परमार और उनके विभाग की उपलब्धियों को लेकर तारीफों के पुल बांधे।
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सदन में पठानिया को परमार की तारीफों के पुल बांधते देख सुखविंद्र सिंह सुक्खू, आशा कुमारी और मुकेश अग्निहोत्री खूब चुटकियां ले रहे थे। आशा कुमारी ने राकेश पठानिया को तो इतना तक कह दिया कि आप हर रोज सूट बदल कर सदन में आ रहे हो। सदन में बतौर विधायक आपका आखिरी भाषण हो सकता है। सुक्खू ने पठानिया को कहा कि अगर इन्हें जल्दी मंत्री पद की शपथ नहीं दिलाई तो यह सदन से वेंटिलेटर पर जाएंगे। 

सदन में गूंजीं 15 करोड़ की दवाइयां 

सदन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा के दौरान मंडी जिला के एक आदमी का नाम खूब गूंजा। कांग्रेस विधायक रामलाल ने कुछ कागजात लहराते हुए कहा कि मंडी जिले का एक आदमी सब स्टैंडर्ड की 15 से 20 करोड़ रुपये तक की दवाइयां बेच रहा है। यह आदमी कौन है जो बिचौलिए का काम कर रहा है। 

नड्डा और धूमल के जिलों में बदहाली क्यों
सदन में भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के जिलों में बदहाली का मुद्दा उठा। रामलाल ने कहा कि बिलासपुर के जोनल अस्पताल में ऑपरेशन नहीं होते। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी नहीं हो पाती। पूरे जिले में डॉक्टरों का अकाल है। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मुख्यमंत्री हमीरपुर जिले से अन्याय कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना को बड़ा घोटाला बताते हुए उन्होंने कहा कि जिले में अपात्रों को घर मिल रहे हैं।

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