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Himachal News: 4 अप्रैल को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे तीन राज्यों के सेब उत्पादक

Tue, 21 Mar 2023 10:18 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 21 Mar 2023 10:18 PM IST
सार

हिमाचल के शिमला, किन्नौर, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिले की 22 ब्लॉक कमेटियों के सदस्य दिल्ली रवाना होंगे। विदेशी सेब पर 100 फीसदी आयात शुल्क लगाने और सेब संबंधी सभी उत्पादों को जीएसटी के दायरे से बाहर करने सहित अन्य मांगों को लेकर एएफएफआई संघर्ष कर रहा है। 

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Apple growers of three states will protest at Jantar Mantar on April 4
प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीन राज्यों के सेब उत्पादक 4 अप्रैल को दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। सेब की खेती को बचाने के लिए हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड के बागवानों के साझा मोर्चा एप्पल फार्मर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफएफआई) के आह्वान पर यह प्रदर्शन होगा। प्रदर्शन में तीनों राज्यों के 700 से 800 बागवान शामिल होंगे। हिमाचल के शिमला, किन्नौर, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिले की 22 ब्लॉक कमेटियों के सदस्य दिल्ली रवाना होंगे। विदेशी सेब पर 100 फीसदी आयात शुल्क लगाने और सेब संबंधी सभी उत्पादों को जीएसटी के दायरे से बाहर करने सहित अन्य मांगों को लेकर एएफएफआई संघर्ष कर रहा है।

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सेब उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा
हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड में सेब उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। इसे बचाने के लिए बागवान एक मंच पर इकट्ठा होकर आंदोलन लड़ रहे हैं। एएफएफआई के संयोजक सोहन ठाकुर ने बताया कि सेब उत्पादकों के मुद्दों को उठाने के लिए 4 अप्रैल को जंतर-मंतर पर धरना देंगे। इस दौरान बागवानों के मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। बीते 3 साल के भीतर सेब उत्पादन की लागत दोगुनी हो गई है। बागवानों को राहत देने के स्थान पर सरकार कृषि इनपुट पर अनुदान खत्म कर रही है। इससे खाद, बीज और दवाइयां किसानों और बागवानों की पहुंच से दूर हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का कई बार वादा कर चुके हैं, लेकिन इसे आज तक पूरा नहीं किया। दुनिया के 44 देशों से सेब आयात होने के कारण हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड के बागवानों को सेब के उचित दाम नहीं मिल रहे।
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यह हैं एएफएफआई की मांगें
सेब का लाभ मूल्य घोषित किया जाए, विदेशी सेब पर आयात शुल्क 100 फीसदी किया जाए, यूनिवर्सल कार्टन लागू किया जाए, खाद और कार्टन सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाया जाए, मंडियों में सेब वजन के हिसाब से बेचा जाए, सिंगल यूज क्रेट सिस्टम लागू हो, सेब संबंधी सभी उत्पाद जीएसटी के दायरे से बाहर किए जाएं, निजी कोल्ड स्टोरों को नियंत्रित किया जाए, कश्मीर में जमीन बेदखली के आदेश वापिस लिए जाएं, कश्मीर में सेब ट्रांसपोर्टेशन का उचित किराया तय किया जाए।
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बीते साल केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपा था मांग पत्र
बीते साल जुलाई माह में एएफएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने संसद भवन परिसर में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा था। इसके बाद नवंबर में शिमला में एएफएफआई का सम्मेलन भी आयोजित किया गया था।

 

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