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पुलवामा शहीद तिलकराज की शहादत पर की गईं घोषणाएं नहीं हुईं पूरी, परिजनों में रोष
Fri, 14 Feb 2020 12:00 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जवाली (कांगड़ा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जवाली (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 14 Feb 2020 12:00 PM IST
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फाइल फोटो
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साल 2019 के फरवरी महीने की 14 तारीख को आतंकी हमले ने में सीआरपीएफ के हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जवाली विधानसभा क्षेत्र के गांव धेवा जंदरोंह के तिलक राज समेत 40 जवान शहीद हो गए थे। लेकिन शहीद तिलक राज की शहादत पर किए गए वादों को प्रदेश सरकार एक साल बाद भी पूरा नहीं कर पाई है। इसके चलते शहीद के परिजनों ने सरकार के प्रति गहरा रोष है।
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तिलक राज बीते साल 14 फरवरी को पुलवामा हमले में शहीद हो गए थे। शहीद की अंत्येष्टि पर मुख्यमंत्री ने गांव के श्मशान की सड़क को पक्का करने, शहीद की प्रतिमा स्थापित करने आदि घोषणाएं की थीं और इन्हें छह महीने के भीतर ही पूरा करने का आश्वासन दिया था।
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परिजनों व ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रदेश सरकार घोषणा को पूरा कर दे तो शहीद के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शहीद तिलक राज की पत्नी सावित्री देवी ने नम आंखों से कहा कि उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। हमारा परिवार आगे भी ऐसे ही देश की रक्षा करेगा।
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उन्होंने कहा कि उनके पति देश की सुरक्षा में जुटे थे। वहीं जब छुट्टी आते थे तो पहाड़ी गानों की शूटिंग में व्यस्त रहकर कांगड़ा की संस्कृति का प्रसार करते थे। पुलवामा आतंकी हमले में हिमाचल ने वीर जवान ही नहीं, बल्कि एक बेहतर लोक गायक और कबड्डी खिलाड़ी भी खो दिया था। देश पर जान कुर्बान करने वाले तिलक राज लोक गायक भी थे।