अनिल कुमार खाची ने मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला
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नवनियुक्त मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालते ही उनके पास बधाइयां देने वालों का तांता लगा रहा। 22 जून 1963 को जन्मे खाची हिमाचल कैडर के 1986 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनकी शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज और दिल्ली स्कूल ऑफ इक्नॉमिक्स से हुई है।
अनिल कुमार खाची के पास 33 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में उपायुक्त कुल्लू, आबकारी एवं कराधान आयुक्त, सचिव वित्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और श्रम, औद्योगिक विकास निगम और हिमाचल प्रदेश वित्त निगम के प्रबंध निदेशक सहित कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। जून 2010 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले वह मुख्य चुनाव अधिकारी रहे और 2009 के संसदीय चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन कर चुके हैं।
वे हिमाचल प्रदेश सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त, योजना, आर्थिकी एवं सांख्यिकी और 20 सूत्रीय कार्यक्रम के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली में यूआईडीएआई में डिप्टी डायरेक्टर जनरल के रूप में कार्य किया, जहां पर उन्होंने आधार के लिए नामांकन प्रणाली के डिजाइन और इसे लागू करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। यूआईडीएआई के साथ तीन साल कार्य करने के बाद उन्होंने श्रम और रोजगार मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया, जहां पर उन्हें बाल श्रम और महिला श्रम से संबंधित सभी मामलों के साथ मंत्रालय के प्रशासनिक कार्यों का जिम्मा सौंपा गया।
उन्होंने कानून व न्याय मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति के माध्यम से बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986 के संशोधन में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने ईपीएफ संशोधन पर कार्य शुरू कर लघु और मध्यम उपक्रमों के लिए संयोजन श्रम अधिनियम के लिए कार्य किया। अनिल कुमार खाची निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग, वित्त मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। वह भारतीय खाद्य निगम में मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।