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विधानसभा के बाहर प्रदर्शन: 24 फरवरी को हड़ताल करेंगी आंगनबाड़ी वर्कर
Sun, 09 Jan 2022 09:29 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 09 Jan 2022 09:29 PM IST
सार
यूनियन की अध्यक्ष नीलम जसवाल और महासचिव वीना शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी प्री प्राइमरी में सौ फीसदी नियुक्ति, नियुक्ति में 45 वर्ष की शर्त खत्म करने, सुपरवाइजर नियुक्ति के लिए भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त विवि की डिग्री को मान्य करना, वरिष्ठता के आधार पर मैट्रिक और स्नातक पास की सुपरवाइजर में भर्ती करने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग और तीस प्रतिशत बजट कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी।
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नीलम जसवाल, प्रदेश अध्यक्ष आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अखिल भारतीय सीटू के आह्वान पर 24 फरवरी को हड़ताल करेंगी। प्रदेश में करीब अठारह हजार आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। रविवार को यूनियन की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश में 37 हजार कार्यकर्ता और सहायिकाएं सीटू के बैनर तले शिमला में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करेंगी।
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यूनियन की अध्यक्ष नीलम जसवाल और महासचिव वीना शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी प्री प्राइमरी में सौ फीसदी नियुक्ति, नियुक्ति में 45 वर्ष की शर्त खत्म करने, सुपरवाइजर नियुक्ति के लिए भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त विवि की डिग्री को मान्य करना, वरिष्ठता के आधार पर मैट्रिक और स्नातक पास की सुपरवाइजर में भर्ती करने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग और तीस प्रतिशत बजट कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी।
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उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि अगर आईसीडीएस का निजीकरण किया गया और आंगनबाड़ी वर्करों को नियमित कर्मचारी घोषित नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। नई शिक्षा नीति में आइसीडीएस निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। इससे भविष्य में कर्मियों को रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा। बैठक में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, सुमित्रा देवी, हमिंद्री देवी, सुदर्शना देवी, किरण भंडारी, बिमला देवी, गोदावरी, हरदेई, हिमी देवी और शशि किरण मौजूद रहीं।
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