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अटल मेडिकल विश्वविद्यालय: दिव्यांगता प्रतिशतता नहीं, अब क्षमता के आधार पर मिलेगा एमबीबीएस में दाखिला

Tue, 22 Jul 2025 01:12 PM IST
Krishan Singh राकेश राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
राकेश राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Tue, 22 Jul 2025 01:12 PM IST
सार

अटल मेडिकल एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एएमआरयू) ने नेशनल मेडिकल काउंसिल के निर्देशों को लागू करते हुए बड़ा बदलाव किया है। दिव्यांगजन का यूडीआईडी होना जरूरी है।

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AMRU: Now admission in MBBS will be based on ability and not on percentage of disability
अटल आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय नेरचौक। - फोटो : संवाद

विस्तार

दिव्यांगजनों को एमबीबीएस में दिव्यांगता प्रतिशतता के आधार पर दाखिला नहीं मिलेगा। मेडिकल बोर्ड दिव्यांग के एमबीबीएस करने की क्षमता के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करेगा। इसी आधार पर दिव्यांग उम्मीदवार को एमबीबीएस के लिए दाखिला मिलेगा। यह प्रमाणपत्र राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर-32 चंडीगढ़ के मेडिकल बोर्ड की ओर से जारी किया जाएगा। अटल मेडिकल एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एएमआरयू) ने नेशनल मेडिकल काउंसिल के निर्देशों को लागू करते हुए बड़ा बदलाव किया है। दिव्यांगजन का यूडीआईडी होना जरूरी है।

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इसी आधार पर एएमआरयू शुरू में अस्थायी तौर पर सीट दे सकता है, लेकिन दाखिला बोर्ड के प्रमाणपत्र के अनुसार ही होगा। जिला स्तर पर बनाए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे। इसमें केवल दिव्यांगता प्रतिशतता ही दर्शाई जाती है। मेडिकल कॉलेज में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए पांच प्रतिशत सीटें आरक्षित रहती हैं। पात्र उम्मीदवार न मिलने पर बाद में इन सीटों को जनरल कोटे में शामिल किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नेशनल मेडिकल काउंसिल ने नए निर्देश जारी किए हैं।

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अलग-अलग श्रेणियों में मिलेगा हिमाचली कोटा
एमबीबीएस काउंसलिंग में हिमाचली कोटे में भी बदलाव किया है। हिमाचली बोनाफाइड उम्मीदवार की आठवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं में से दो कक्षाओं की पढ़ाई हिमाचल से की होनी चाहिए। हिमाचल सरकार में कार्यरत गैर हिमाचली कर्मचारियों के बच्चों के लिए हिमाचली कोटा लेने के लिए हिमाचल से 11वीं और 12वीं कक्षा पास करना अनिवार्य है।

दिव्यांग उम्मीदवार सेक्टर 32 चंडीगढ़ के बोर्ड से बनवाएं अपना प्रमाणपत्र
इस बार एमबीबीएस काउंसलिंग प्रक्रिया में कुछ बदलाव हुए हैं। हिमाचली, एनआरआई कोटे और दिव्यांग सीटों में बदलाव है। दिव्यांग उम्मीदवार राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर 32 चंडीगढ़ के बोर्ड से अपना प्रमाणपत्र बनवा लें ताकि दिक्कत पेश न आए।- डॉ. प्रवीण शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, एएमआरयू

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एनआरआई के रिश्तेदारों को नहीं, अब केवल बच्चों की ही मिलेंगी कोटे की सीटें
एएमआरयू ने एनआरआई कोटे को लेकर भी स्पष्ट किया है कि यह कोटा केवल एनआरआई या उनके बच्चों को ही मिलेगा। एनआरआई की अनुशंसा पर उनके रिश्तेदारों को यह कोटा नहीं मिल पाएगा। प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 20 एनआरआई कोटे की सीटें हैं। इनमें आईजीएमसी शिमला और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में दो-दो और अन्य चार कॉलेजों में चार-चार सीटें शामिल हैं।

85% सीटों पर एएमआरयू ही करवाएगा काउंसलिंग
अटल मेडिकल एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एएमआरयू) ने एमबीबीएस और बीडीएस के लिए काउंसलिंग और दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र उम्मीदवार विवि की अधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया 26 जुलाई दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहेगी। हिमाचल में छह सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज में करीब 725 एमबीबीएस सीटों के लिए काउंसलिंग एएमआरयू करवाएगा। एएमआरयू की तरफ से 85 फीसदी सीटों पर काउंसलिंग होगी। जबकि 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा रहेगा। सरकारी स्तर पर 575 और निजी स्तर पर 150 एमबीबीएस सीटों और बीडीसी की सरकारी स्तर पर 75 में से 62 और निजी 185 सीटों की काउसंलिंग एएमआरयू के माध्यम से होगी। 

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