Cement Plant: नहीं झुकेंगे ट्रक ऑपरेटर, अब गौतम अदाणी से सीधी बात करेगी सरकार
ट्रक ऑपरेटरों से किराया कम करवाने के प्रस्ताव को यूनियनों ने दो टूक इनकार कर दिया है। अब ट्रांसपोर्टर अप्रैल 2019 से बढ़ाए जाने वाले किराये की मांग पर अड़ गए हैं।
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अदाणी समूह के ट्रक ऑपरेटरों से किराया कम करवाने के प्रस्ताव को यूनियनों ने दो टूक इनकार कर दिया है। अब ट्रांसपोर्टर अप्रैल 2019 से बढ़ाए जाने वाले किराये की मांग पर अड़ गए हैं। इसे लेकर शनिवार को आठ ट्रक ऑपरेटर यूनियनों के 32 पदाधिकारी उपायुक्त सोलन से मिलेंगे और बैठक कर उनके समक्ष अपनी मांग रखेंगे। वहीं, प्रदेश सरकार भी अदाणी गौतम से सीधी बात करेगी। दाड़लाघाट में शुक्रवार को हुई सभी ट्रक ऑपरेटर यूनियनों की बैठक और गेट मीटिंग के दौरान यह निर्णय लिया गया। 2000 से ज्यादा ऑपरेटर बैठक में पहुंचे। सभी ऑपरेटरों ने एकमत में कहा कि अदाणी समूह की मनमानी के आगे वह नहीं झुकेंगे।
इस दौरान सभी ऑपरेटर अदाणी समूह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कंपनी गेट पर पहुंचे। कंपनी के गेट पर पहले ही पुलिस बटालियन के जवान तैनात थे। हुजूम को गेट की तरफ आते देख कंपनी का गेट भीतर से बंद कर दिया गया। वहीं, गेट के समीप से भी पदाधिकारियों ने कंपनी प्रबंधकों की तानाशाही के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। यहां पर पदाधिकारियों ने आरोप लगाए कि हड़ताल की शुरुआत उन्होंने नहीं की है, बल्कि अदाणी ग्रुप की तरफ से गेट बंद किया गया। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2019 से ट्रकों के किराये की बढ़ोतरी नहीं हुई है। अब वह इस बढ़ोतरी को लेकर ही मानेंगे। अभी वह पहाड़ी क्षेत्रों में 10.58 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया ले रहे हैं। यदि 2019 की बढ़ोतरी होती है तो करीब 13 से 14 रुपये प्रति किलोमीटर किराया हो जाएगा। करीब 45 मिनट तक ऑपरेटरों ने यहां पर गेट
मीटिंग की।
कंपनी मालिक से बात कर स्थिति स्पष्ट होगीः धीमान
अदाणी कंपनी के अधिकारियों और ट्रक यूनियन के बीच भाड़े को लेकर चल रहा विवाद सुलझ नहीं रहा है। अब प्रदेश सरकार सीधे कंपनी के मालिक गौतम अदाणी से बात करेगी। मुख्य सचिव आरडी धीमान ने कहा है कि कंपनी मालिक से बात कर स्थिति स्पष्ट होगी। प्रदेश सरकार ने बिलासपुर और सोलन के उपायुक्तों को ट्रक यूनियन और कंपनी अधिकारियों से बात कर मामला सुलझाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन विवाद शांत नहीं हो रहा है। प्रदेश सरकार इस मामले पर पूरी नजर बनाए हुए हैं। उपायुक्तों से इस बारे में रिपोर्ट मांगी जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को इस मामले में इसको लेकर पल पल जानकारी ले रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो महीने से कंपनी और ट्रक यूनियन के बीच परिवहन को लेकर विवाद चल रहा है। कंपनी और यूनियन के बीच समझौता न होने से यह नौबत आई है। कुछ दिन पहले कंपनी के अधिकारियों ने सरकार को बताया था कि कंपनी ने नया - नया काम संभाला है। सीमेंट के उत्पादन में कमी हो रही है। ट्रक यूनियन सीमेंट लिफ्ट नहीं कर रही है।