Shrikhand Mahadev Yatra: श्रीखंड के लिए अंबिका माता की छड़ी रवाना, 11 जुलाई से शुरू होगी यात्रा
शनिवार को अंबिका माता की छड़ी यात्रा निरमंड जूना अखाड़ा के महंत अशोक गिरी फलाहारी के नेतृत्व में रवाना की गई। इसमें साधु और संतों के साथ सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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श्रीखंड महादेव के लिए शनिवार को अंबिका माता की छड़ी यात्रा निरमंड जूना अखाड़ा के महंत अशोक गिरी फलाहारी के नेतृत्व में रवाना की गई। इसमें साधु और संतों के साथ सैकड़ों लोग शामिल हुए। पवित्र छड़ी गुरु पूर्णिमा के दिन महादेव के दर्शन करेगी। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने छड़ी यात्रा को रवाना किया। उन्होंने यात्रा के मंगलमय होने की कामना की और कहा कि इस यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालु सरकार और प्रशासन का सहयोग करें। आधिकारिक तौर पर यह यात्रा 11 जुलाई से शुरू होकर 24 तक चलेगी और प्रशासन की निगरानी में होगी।
18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराना जरूरी होगा। बिना पंजीकरण के श्रद्धालु श्रीखंड महादेव नहीं जा सकेंगे। पहले श्रद्धालुओं को ऑनलाइन https://shrikhandyatra.hp.gov.in/ या ऑफलाइन पंजीकरण करना जरूरी होगा, जो 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। प्रति श्रद्धालु पंजीकरण शुल्क 200 रुपये अदा करना होगा। श्रद्धालु ऑफलाइन पंजीकरण प्रथम बेस कैंप सिंहगाड़ में सुबह 5:00 से शाम 07:00 बजे करवा सकेंगे। वहीं, 18 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों की यात्रा पर रोक लगाई है। इस वर्ष विश्व की सबसे कठिन धार्मिक श्रीखंड महादेव यात्रा
सभी श्रद्धालुओं को अपने साथ चिकित्सा प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। यात्रा के लिए पांच बेस कैंप बनाए गए हैं। इनमें सिंहगाड़, थाचडू, कुंशा, भीमडवारी और पार्वतीबाग शामिल है। प्रत्येक बेस कैंप में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट के अधीन मेडिकल, रेस्क्यू, पुलिस की टीमें तैनात की हैं। सभी बेस कैंप में लगभग 20 स्वास्थ्य कर्मी, 30 पुलिस कर्मी व 40 सदस्य रेस्क्यू के लिए तैनात हैं। उधर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रशांत सरकैक ने बताया कि श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर दी है।
यह होंगे श्रद्धालुओं के लिए दिशानिर्देश
-अकेले यात्रा न करें, केवल साथियों के साथ ही यात्रा करें
-चढ़ाई धीरे-धीरे चढ़ें और सांस फूलने पर रुक कर आराम करें
-छाता, गर्म कपड़े, गर्म जूते, टार्च एवं डंडा अपने साथ अवश्य लाएं
-किसी भी तरह का दान अर्थात चढ़ावा केवल ट्रस्ट के दान पात्रों में डालें।
-सुबह 05:00 से पहले और शाम 04:00 बजे के बाद बेस कैंप सिंहगाड़ से यात्रा करने पर रोक रहेगी
-पार्वतीबाग से दोपहर 12:00 बजे के बाद कोई भी श्रद्धालु आगे नहीं जाने दिया जाएगा
-श्रीखंड महादेव की पवित्र चट्टान पर किसी भी तरह का चढ़ावा या त्रिशूल लगाने के लिए न चढ़ें।