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हिमाचल में 21 जून खुलेंगे पुस्तकालय, मंदिरों पर फैसला जल्द, स्कूलों को लेकर कैबिनेट में होगी चर्चा
Sat, 19 Jun 2021 08:57 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 08:57 PM IST
सार
शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन होने के चलते पुस्तकालयों को खोलने का फैसला लिया गया है।
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राज्य पुस्तकालय शिमला(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में सोमवार 21 जून से 50 फीसदी सीटिंग क्षमता के साथ पुस्तकालय खोल दिए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस बाबत शनिवार को आदेश जारी कर दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के चलते बंद पड़े स्कूलों को खोलने के बारे में अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी, जबकि प्रदेश की शक्तिपीठों और अन्य धार्मिक स्थलों को भी जल्द खोला जाएगा। हालांकि इस पर भी पहले कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी।
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शनिवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि कोविड के मामलों में पिछले दिनों से लगातार गिरावट हो रही है। प्रदेश में शादी समारोह करने पर रोक नहीं है, पर भीड़ ज्यादा इकट्ठा करना सही नहीं है। सीएम ने कहा कि इस वक्त कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। अगर तीसरी लहर आ भी जाती है तो मजबूती के साथ इसका सामना करेंगे। अभी लोगों को लंबे समय तक घर में ही रोके रखना सही नहीं है। धीरे-धीरे चीजों को खोला जाएगा।
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इसके अलावा सरकार प्रदेश के मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को भी खोलने की तैयारी में है। आगामी कैबिनेट बैठक में यह मामला लाया जाना है। प्रदेश के मंदिरों को खोलने के फैसले पर ही भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन मंदिरों को भी खोलने का मामला टिका है। अभी मंदिरों के बंद रहने से चढ़ावा नहीं आ रहा है। इस कारण मंदिरों के रखरखाव और मरम्मत के काम में दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा मंदिरों के कर्मचारियों को वेतन देने में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
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उधर, शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन होने के चलते पुस्तकालयों को खोलने का फैसला लिया गया है। पुस्तकालय को सैनिटाइज किया जाएगा। बिना फेस मास्क के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उचित शारीरिक दूरी रखते हुए सीटिंग प्लान बनाया जाएगा। अगर किसी पुस्तकालय से कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए तय निर्देशों का पालन नहीं होने की सूचना मिली तो उस पुस्तकालय को बंद कर दिया जाएगा।