कृषि विपणन बोर्ड: नहीं चलेगा बहाना, आढ़तियों के लिए ई-लाइसेंस लेना अनिवार्य
आढ़तियों को अब इसी पोर्टल के जरिये नए लाइसेंस बनाने होंगे, पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण भी ऑनलाइन ही होगा। ई-लाइसेंस व्यवस्था लागू करने के बाद अब विपणन बोर्ड आढ़तियों द्वारा भरे जाने वाले क्यू और आर फार्म सहित अन्य सभी फार्म भी ऑनलाइन करने जा रहा है।
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हिमाचल की मंडियों में काम करने वाले आढ़तियों के लिए कृषि विपणन बोर्ड ने ई-लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। विपणन बोर्ड ने आईटी विभाग से पोर्टल तैयार करवाया है। आढ़तियों को अब इसी पोर्टल के जरिये नए लाइसेंस बनाने होंगे, पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण भी ऑनलाइन ही होगा। ई-लाइसेंस व्यवस्था लागू करने के बाद अब विपणन बोर्ड आढ़तियों द्वारा भरे जाने वाले क्यू और आर फार्म सहित अन्य सभी फार्म भी ऑनलाइन करने जा रहा है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद आढ़ती टैक्स चोरी नहीं कर पाएंगे। पूरा टैक्स मिलने से एपीएमसी की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
मंडी में कारोबार करने वाले आढ़ती अब लाइसेंस बनाने को लेकर बहानेबाजी नहीं कर सकेंगे। कृषि विपणन बोर्ड की वेबसाइट पर लाइसेंस बनाने और नवीनीकरण के लिए पोर्टल का लिंक उपलब्ध करवा दिया गया है। आढ़ती ने लाइसेंस के लिए कब आवेदन किया, कौन सी औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं, मार्केटिंग फीस जमा करवाई या नहीं, इसका पूरा विवरण पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा। अब तक आढ़ती एपीएमसी के कार्यालयों में ऑफलाइन लाइसेंस बनवाते थे। बिना लाइसेंस कारोबार करते पकड़े जाने पर लाइसेंस के लिए आवेदन करने का बहाना बनाते थे। अब आढ़तियों की बहानेबाजी नहीं चलेगी। पोर्टल पर लाइसेंस का स्टेटस ऑनलाइन कहीं भी जांचा जा सकेगा। बिना लाइसेंस मंडियों में आढ़ती काम नहीं कर पाएंगे।
हिमाचल में 10 एपीएमसी
हिमाचल प्रदेश में शिमला-किन्नौर, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू लाहौल स्पीति, मंडी, सिरमौर, सोलन और ऊना 10 एपीएमसी हैं। कृषि विपणन बोर्ड ने सभी एपीएमस को ई-लाइसेंस अनिवार्य करने के निर्देश दे दिए हैं। सभी एपीएमसी को ई-लाइसेंस व्यवस्था सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर ने बताया कि कमीशन एजेंट्स के लिए ई-लाइसेंस बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। कमीशन एजेंट्स द्वारा भरे जाने वाले क्यू और आर फार्म भी ऑनलाइन किए जा रहे हैं, जिसके बाद टैक्स चोरी नहीं होगी और एपीएमसी की आय बढ़ेगी।
नरेश ठाकुर, प्रबंध निदेशक, राज्य कृषि विपणन बोर्ड