हिमाचल में मिले कोरोनावायरस के चार और संदिग्ध, पांच पहुंची संख्या
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दुनिया भर में कहर ढहा रहे कोरोनावायरस के चार और संदिग्ध हिमाचल में सामने आए हैं। ये चारों हाल ही में इटली से लौटे हैं। इनमें पालमपुर की मां-बेटी और शिमला का एक दंपती शामिल है। मां-बेटी टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में दाखिल हैं, जबकि दंपती में से महिला शिमला में बीएड की परीक्षा दे आईं, जिससे हड़कंप मच गया है।
वहीं, विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिन कोरोना पर चर्चा न होने से नाराज विपक्ष ने सदन में हंगामा कर वाकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन को कोरोना के तीन संदिग्धों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संदिग्धों के उपचार के लिए सरकार तीन अस्पतालों को खाली करवा रही है। सत्र के बाद भी सीएम ने कोरोना पर अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई।
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि तीन मार्च को बिलासपुर से आईजीएमसी में एक संदिग्ध मरीज आया है। 29 फरवरी को यह व्यक्ति साउथ कोरिया से अपने घर बिलासपुर पहुंचा। इसे गले में खराश हुई तो डॉक्टरों से जांच करवाई। व्यक्ति ने टेस्ट की इच्छा भी जताई। ऐसे में व्यक्ति के सैंपल लिए गए हैं।
जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक कोरोना को लेकर हल्ला करना ठीक नहीं है। जिला कांगड़ा में भी दो संदिग्ध व्यक्ति इटली से आए हैं। उनके सैंपल लिए गए हैं। जहां तक संस्थान बंद करने की बात है। हिमाचल में कोई भी संस्थान बंद नहीं होगा।
डॉक्टरों ने लोगों को भ्रम और खौफ में न पड़ने की अपील की
उधर आईजीएमसी शिमला में पहुंचे बिलासपुर के कोरोनावायरस के संदिग्ध युवक के बाद मंगलवार देर रात मेडिकल कॉलेज टांडा में भर्ती पालमपुर की मां-बेटी का आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को भ्रम और खौफ में न पड़ने की अपील की है।
दोनों संदिग्ध 12 दिनों का इटली का टूअर कर 22 फरवरी को दिल्ली लौटी थीं। बुखार और गले में संक्रमण पर वे स्थानीय अस्पताल गए। इटली से लौटने के बाद युवती का दिल्ली में एच-1 एन-1 टेस्ट हुआ था। इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
उन्हें चिकित्सकों ने दवाई दी थी, लेकिन घर आकर फिर से उन्हें बुखार के लक्षण महसूस हुए। अब टांडा में उनका इलाज जारी है। उनके ब्लड सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए पुणे भेजा है। सीएमओ कांगड़ा जीडी गुप्ता ने बताया कि दोनों मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
कोरोनावायरस को लेकर बिलासपुर में हाई अलर्ट
बिलासुपर जिले के घुमारवीं उपमंडल के एक गांव में कोरोनावायरस के एक संदिग्ध मामले के सामने आने पर जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम पिछले तीन दिनों से लगातार संदिग्ध युवक के घर जाकर उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। जबकि जिला अस्पताल में कोरोनावायरस के मरीजों के लिए अलग से विशेष वार्ड बनाए गए हैं जिसमें हर प्रकार की सुविधा है। हालांकि रोगी को लेकर जाने के लिए विशेष एंबुलेंस बिलासपुर के पास नहीं है।
उल्लेखनीय है कि गत रोज पहले दक्षिण कोरिया से एक युवक भारत लौटा था जो बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल के हरलोग का रहने वाला था। हालांकि युवक का कोरिया और दिल्ली में पहले टेस्ट हुआ था वहां रिपोर्ट नेगेटिव थी लेकिन घर आने के बाद युवक को गले में दिक्कत आई। जिसके बाद बिलासपुर से उन्हें कड़ी सुरक्षा के साथ आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।
दो दिन तक अपने कमरे में बंद रहा था युवक
यह युवक कुछ समय पूर्व ही दक्षिण कोरिया से अपने घर लौटा था। इसके बाद दो दिन तक युवक अपने घर में ही अलग कमरे में रहा था जिसके बाद उन्होंने मंगलवार को इस संबंध में खुद स्वास्थ्य विभाग की टीम को अवगत करवाया। इसके बाद बिलासपुर से उन्हें शिमला भेजा गया है।
बिलासपुर में नहीं विशेष एंबुलेंस की सुविधा
जिला अस्पताल बिलासपुर में कोरोना के मरीजों को बिलासपुर से शिमला पहुंचाने के लिए विशेष एंबुलेंस की सुविधा नहीं है। आपात स्थिति में मरीज को शिमला पहुंचाने के लिए मंडी से एंबुलेेंस मंगवाई जाएगी। मंडी में दो विशेष एंबुलेंस कोरोना के मरीजों के लिए तैयार कर रखी गई हैं।
चिन्हित अस्पतालों में आइसोलेशन वार्डों की सुविधा उपलब्ध
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को शिमला में कोरोनावायरस को लेकर उच्च अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोनावायरस के संदर्भ में केंद्र सरकार से जो दिशा निर्देश समय-समय पर मिल रहे हैं, राज्य सरकार उनका पूर्ण रूप से अनुपालन कर रही है। उन्होंने कहा कि चिन्हित अस्पतालों में आइसोलेशन वार्डों की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इन दोनों अस्पतालों में संदिग्ध मामलों की निगरानी कर उनकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला के मैकलोड़गंज में निगरानी चौकी स्थापित की गई है।
ऐसे मामलों में परिवहन के लिए तीन 108 एंबुलेंस को तैयार किया गया है, जिनमें पीपीई और एन-95 मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जिला व राज्य स्तर पर क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (आरआरटी) को पुनः अधिसूचित किया गया है। यह भी सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि यात्री होटल व्यवसायियों के माध्यम से अपने बारे में जानकारी प्रदान करें और इस कार्य में उपायुक्त कार्यालयों की सहायता ली जा रही है। उन्होंने कहा कि बाहरी देशों से आने वाले व्यक्तियों के लिए इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं और वे प्रदेश में आते ही स्वास्थ्य विभाग की 24 घंटे चलने वाली स्वास्थ्य हेल्पलाइन 104 पर संपर्क कर सकते हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आईजीएमसी शिमला अथवा टांडा मेडिकल कॉलेज में उन लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी, जिन्होंने पिछले 14 दिनों या 15 जनवरी 2020 के बाद चीन के बुहान शहर का दौरा किया है। इसके अतिरिक्त 10 फरवरी 2020 के बाद चीन के अलावा कोविड-19 प्रभावित 12 देशों का दौरा करने वाले उन लोगों की भी स्वास्थ्य जांच होगी जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक प्रदेश में अभी तक किसी भी व्यक्ति को इस वायरस से संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से आग्रह किया है कि कोरोनावायरस से घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे परामर्श एवं दिशा निर्देशों का पालन करें। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सूचना एवं जन संपर्क विभाग के सचिव रजनीश, स्वास्थ्य विभाग से मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।