ABVP Meeting Shimla: राष्ट्रीय अध्यक्ष पटेल बोले- पश्चिम बंगाल में शिक्षा का राजनीतिकरण लोकतंत्र के लिए घातक
शिमला में 40 साल बाद हो रही बैठक में एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. छगन भाई पटेल ने कहा कि यह वह स्थान है, जहां शिमला समझौता हुआ था। पश्चिम बंगाल की सरकार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य विवि का कुलाधिपति बनाने का प्रयास कर रही है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की तीन दिवसीय बैठक शिमला में शुक्रवार को शुरू हुई। इसमें देश भर से 469 छात्र प्रतिनिधियों ने शिरकत की। शिमला में 40 साल बाद हो रही बैठक में एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. छगन भाई पटेल ने कहा कि यह वह स्थान है, जहां शिमला समझौता हुआ था। पश्चिम बंगाल की सरकार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य विवि का कुलाधिपति बनाने का प्रयास कर रही है। यह लोकतंत्र के साथ धोखा है। इससे शिक्षा क्षेत्र में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ेगा, जो घातक होगा। इसके खिलाफ संघर्ष होगा। देश में प्रवेश, परीक्षा, परिणाम के सुधार के लिए अभाविप संघर्ष कर रही है। मेडिकल और अन्य कॉलेजों में छात्रों के आत्महत्या के मामले आ रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में आनंदमयी माहौल के प्रयास किए जाना चाहिए। नई शिक्षा नीति में मातृ भाषा में पढ़ाई की सुविधा होगी।
राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि तमिलनाडु में एक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान में हुई घटना में लावण्या को न्याय दिलाने के लिए एबीवीवी ने आवाज बुलंद की। इसमें 32 कार्यकर्ताओं को आठ दिन तक जेल में बंद किया गया। एबीवीपी सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में धर्मांतरण के खिलाफ हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग को लेकर संघर्ष करेगी। असम, काशी विश्वविद्यालय, केरल में छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की प्रचंड जीत राष्ट्रीयता के भाव की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाती है। पेपर लीक की घटनाओं को लेकर संघर्ष जारी है। उन्होंने सोलन में हुए हिम तंरगोत्सव, मंडी जिला में चलाए गए मिशन साहसी कार्यक्रमों के सफल आयोजन पर बधाई दी।
पेपर लीक समेत चार प्रस्ताव रखे
बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. छगन भाई पटेल, राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी और राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्वलन कर किया। तीन दिवसीय बैठक में एबीवीपी के 75 वर्ष, स्वावलंबी भारत, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, राज्य सरकारों का विश्वविद्यालयों में बढ़ते हस्तक्षेप, पेपर लीक जैसी घटनाओं के मुद्दों पर चर्चा होगी। देश के शैक्षणिक परिसरों में आ रहीं समस्याओं पर भी मंथन होगा। कार्यकारी परिषद में चार प्रस्ताव भी चर्चा के लिए रखे जाएंगे।