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अध्यापक संघ ने नौवीं, 11वीं के विद्यार्थियों को प्रमोट करने का किया विरोध
Sat, 04 Apr 2020 03:32 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 04 Apr 2020 03:32 PM IST
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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की राज्य कार्यकारिणी ने शनिवार को ऑनलाइन आपात बैठक की। इसमें नौवीं व 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा परिणाम घोषित किए अगली कक्षा में प्रवेश देने के फैसले का विरोध किया। संघ के पदाधिकारियों ने चार दिन के लिए शिक्षकों को स्कूलों में बुलाकर परिणाम तैयार करने के आदेश देने की मांग की है।
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राज्य अध्यक्ष नरेश महाजन और महामंत्री नरोत्तम वर्मा ने कहा कि कैबिनेट बैठक में लिया गया सरकार का फैसला विद्यार्थी हित में नहीं है। इससे उन विद्यार्थियों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने पूरा साल मेहनत की और अब सिर्फ प्रमोट शब्द सुनकर खुद को ठगा सा महसूस करेंगे। विद्यार्थियों के सही मूल्यांकन को ध्यान में रखते हुए परिणाम घोषित होना चाहिए।
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सरकार चाहे तो पिछले 10 वर्षों की भांति पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को प्रमोट कर दे, लेकिन 9वीं व 11वीं के विद्यार्थियों का परिणाम वास्तविक रूप से ही घोषित होना चाहिए। नरेश महाजन ने बताया कि 9वीं व 11वीं कक्षा के पेपरों का मूल्यांकन लगभग पूरा हो गया है। रिजल्ट बनाने को विभाग मात्र तीन से चार दिन का समय दे।
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वैसे भी प्रत्येक व्यक्ति आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी को 3 घंटे के कर्फ्यू के दौरान बाहर आवश्यक सामान लेने जा ही रहा है। अगर 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को भी प्रमोट ही करना है तो सरकार अध्यापक के लिए लगाई गई रिजल्ट बार को भी दसवीं और 12वीं के लिए आगामी शैक्षणिक स्तर के लिए निरस्त करे।
संघ ने निर्णय लिया कि अप्रैल में चार कार्यदिवस केवल अध्यापकों के लिए घोषित किए जाएं, ताकि 6 से 8 अप्रैल तक रिजल्ट बनाया जा सके और 9 अप्रैल को विधिवत सोशल मीडिया के माध्यम से उस परीक्षा परिणाम को घोषित किया जा सके। पहली से आठवीं के बच्चों को राशन भी बांटा जा सकेगा।