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Shimla News: हालात बेकाबू, ढहने के कगार पर हैं 500 पेड़, मंडरा रहा खतरा
Thu, 24 Aug 2023 12:42 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 24 Aug 2023 12:42 PM IST
सार
शहरवासियों की परेशानी बढ़ गई है कि शहर में अब खतरनाक पेड़ कौन काटेगा। खड़े पेड़ काटने वाले सभी मजदूर वन विभाग के साथ काम कर रहे हैं। इसके अलावा जो बचे हैं, वह मनमाने रेट वसूल रहे हैं।
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शिमला के अवर सन्नी में गिरे पेड़ के ऊपर से लांघता एक युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी में एकसाथ ढह रहे दर्जनों पेड़ों के कारण हालात बेकाबू हो गए हैं। एक ओर जहां 500 से ज्यादा पेड़ खतरा बनकर मंडरा रहे हैं तो दूसरी ओर दर्जनों पेड़ सड़कों, रास्तों और घरों पर कहर बनकर टूट चुके हैं। हालत यह है कि वन विभाग को अब खतरनाक पेड़ काटना बंद कर शहर में ढहे पेड़ों को हटाने का काम शुरू करना पड़ा है।
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बुधवार को विभाग की छह टीमें शहर में बंद पड़ी सड़कों और रास्तों को बहाल करने में जुट गईं। कई जगह एंबुलेंस फंसने की भी सूचनाएं वन विभाग को मिली हैं। इसके बाद विभाग ने तुरंत टीमें मौके पर भेजकर सड़कें बहाल कीं। सर्कुलर रोड समेत शहर की मुख्य और संपर्क सड़कों से देररात तक पेड़ हटाने का काम जारी रहा।
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इसके बावजूद कई सड़कों और कालोनियों में ढहे पेड़ नहीं हटाए जा सके हैं। वन विभाग का कहना है कि सबसे पहले सड़कों को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। इसी के चलते बुधवार को घरों पर खतरा बने कोई भी खतरनाक पेड़ नहीं कट पाए हैं। सड़क बहाली का काम वीरवार को भी जारी रहेगा। जाखू में अमर भवन के पास बने एक भवन में पानी घुसने से नुकसान हुआ है। इस भवन में रहने वाले तीन से चार परिवारों को शिफ्ट करवा दिया है। फाइव बेंच के पास भूस्खलन से सड़क बंद हो गई है।
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चिंता, कौन काटेगा खतरनाक पेड़
शहरवासियों की परेशानी बढ़ गई है कि शहर में अब खतरनाक पेड़ कौन काटेगा। खड़े पेड़ काटने वाले सभी मजदूर वन विभाग के साथ काम कर रहे हैं। इसके अलावा जो बचे हैं, वह मनमाने रेट वसूल रहे हैं। खतरनाक पेड़ काटने के 500 से ज्यादा आवेदन भी अभी लटके पड़े हैं। शहर के खलीनी बीसीएस सड़क पर 40 से ज्यादा पेड़ कभी भी ढह सकते हैं। डीसी आदित्य नेगी ने बुधवार को इनका निरीक्षण भी किया।
कनलोग, हिमलैंड, टॉलैंड, खलीनी, बैनमोर में भी दर्जनों पेड़ खतरनाक हो गए हैं। डीएफओ शिमला शहरी अनिता भारद्वाज ने कहा कि अभी सड़कें बहाल करना प्राथमिकता है। बुधवार पहले के मुकाबले ज्यादा नुकसान हुआ है। विभाग के कर्मचारी देर रात तक काम कर रहे हैं।