{"_id":"5f7b0ce643a5e25c4e103f20","slug":"1500-hotels-not-opened-in-rural-area-of-manali-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: मनाली के 1500 होटलों के अभी नहीं खुले ताले, एसओपी लागू करना चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: मनाली के 1500 होटलों के अभी नहीं खुले ताले, एसओपी लागू करना चुनौती
Tue, 06 Oct 2020 11:08 AM IST
अरविन्द ठाकुर
रोशन ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
रोशन ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 06 Oct 2020 11:08 AM IST
विज्ञापन
होटल (फाइल फोटो)
- फोटो : Pexels.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना काल में हिमाचल के मनाली शहर के करीब पांच से सात सौ होटल सैलानियों के लिए तो खुल गए हैं, लेकिन पर्यटन नगरी से सटे ग्रामीण इलाके के करीब 1500 होटलों, गेस्टहाउस और होम स्टे के अभी ताले नहीं खुले हैं। यहां सरकार की एसओपी को लागू करना कारोबारियों के लिए चुनौती बन गया है। अब होटल एसोसिएशन ने भी सरकार से एसओपी को संशोधित करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
कारोबारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने पर्यटन गतिविधियां शुरू करने को जो एसओपी जारी की है, उसे ग्रामीण इलाकों में लागू नहीं किया जा सकता है। सरकार की एसओपी शहर के होटलों के लिए है। ग्रामीण इलाकों केे पर्यटन के लिए नहीं। जिले में करीब 80 फीसदी पर्यटन ग्रामीण इलाकों में है।
विज्ञापन
लोगों ने होटल, गेस्टहाउस, सरकार की होम स्टे योजना तथा केंद्र की बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएनबी) का निर्माण किया गया है। इनमें परिजनों तथा सैलानियों के लिए एक किचन होता है और रहते भी एक भवन में हैं। ऐसे में न तो एसओपी लागू हो पाएगी और न ही सामाजिक दूरी का पालन हो सकेगा। होम स्टे संचालक प्रीतम सिंह, श्याम लाल, बुद्धि सिंह, नरोत्तम सिंह, भाग चंद तथा मोहर सिंह ने कहा कि प्रदेश व जिले में कोरोना का खौफ बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीण इलाकों में सरकार की एसओपी के तहत पर्यटन गतिविधियां नहीं चलाई जा सकती हैं। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूपराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने जो एसओपी बनाई है, वह शहरी इलाकों के होटलों के लिए है। ग्रामीण क्षेत्र में इसे लागू नहीं किया जा सकता है। सरकार को एसओपी में संशोधन करना चाहिए।