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सिरमौर: चार दिन में चूड़धार में गिरी 12 फीट बर्फ, दुकानें और ढाबे दबे
Tue, 11 Jan 2022 07:17 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिपुरधार (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिपुरधार (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 11 Jan 2022 07:17 PM IST
सार
सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार पर अबतक 12 फीट हिमपात हो चुका है। चूड़धार में चार दिन तक दिन-रात लगातार बर्फबारी हुई। इससे चूड़धार में सभी ढाबे और दुकानें बर्फ के नीचे पूरी तरह दब गए हैं। बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है।
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चूड़धार में गिरी 12 फीट बर्फ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार पर अबतक 12 फीट हिमपात हो चुका है। चूड़धार में चार दिन तक दिन-रात लगातार बर्फबारी हुई। इससे चूड़धार में सभी ढाबे और दुकानें बर्फ के नीचे पूरी तरह दब गए हैं। बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है। स्वामी कमलानंद गिरि के आश्रम में लगा सौर ऊर्जा सिस्टम भी भारी बर्फबारी के कारण बंद हो गया है। चूड़धार में अकेले रह रहे स्वामी कमलानंद से किसी का भी संपर्क नहीं हो पाया था। मंगलवार को स्वामी ने चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा को खुद फोन करके बताया कि चूड़धार में चार दिन के भीतर ही इतनी बर्फबारी हुई है जितनी इससे पहले तीन महीनों के दौरान नहीं हुई।
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स्वामी ने बताया कि चूड़धार में विद्युत आपूर्ति पिछले कई दिन से ठप है। वह सौर ऊर्जा सिस्टम से ही गुजारा कर रहे थे। भारी बर्फबारी के कारण सौर ऊर्जा सिस्टम ने भी काम करना बंद कर दिया है और वह पिछले तीन दिन से आश्रम में अंधेरे में ही रहने के लिए मजबूर हैं। स्वामी ने बाबूराम शर्मा को बताया कि चूड़धार में मार्च व अप्रैल महीने तक बर्फबारी होती है। पिछले चार दिन में ही 12 फीट बर्फ गिर चुकी है। अभी तीन महीने तक और बर्फबारी होने की संभावना है। यदि और भारी बर्फबारी होती है तो आश्रम के टूटने का भी खतरा है। स्वामी ने बताया कि चूड़धार में सभी पेयजल योजनाएं नवंबर में ही ठंड के कारण जाम हो गई थी। चूड़धार में पिछले दो माह से पीने के पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। बर्फ को पिघला कर उसके पानी को ही वह खाना बनाने, पीने व स्नान के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
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आधा मंदिर बर्फ में दबा
स्वामी ने बताया कि चूड़धार में इतना भारी हिमपात हुआ है कि आधा मंदिर बर्फ में दब गया है। मंदिर के आसपास के सभी ढाबे व दुकानें बर्फ में दब गए हैं। उन्होंने बताया कि हालत ऐसे हो गए कि आश्रम से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
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