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Himachal: हिमाचल में 110 फर्जी कंपनियों ने आउटसोर्स पर भर्ती कर दिए हजारों कर्मचारी, जांच शुरू
Thu, 13 Oct 2022 07:53 PM IST
Krishan Singh
विपिन काला, शिमला
विपिन काला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 13 Oct 2022 07:53 PM IST
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महेंद्र सिंह ठाकुर, मंत्रिमंडल उप समिति के अध्यक्ष, राजस्व एवं बागवानी मंत्री
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अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में 110 फर्जी कंपनियां हजारों कर्मचारियों को आउटसोर्स पर भर्ती कर वर्षों से सरकार से करोड़ों रुपये का कमीशन वसूल रही हैं। विधानसभा चुनाव से पहले आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनने लगी तो इस फर्जीवाडे़ का खुलासा हो गया। सरकार को 125 में से सिर्फ 15 कंपनियों का ही रिकॉर्ड मिला है। अब इस पूरे मामले पर सरकार ने जांच बैठा दी है। प्रदेश में सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों में 27,633 आउटसोर्स कर्मचारी पिछले कई वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। सरकार का मानना है कि फर्जी कंपनियां बिना सांठगांठ के नहीं पनप सकती हैं। ये कंपनियां कई साल से कमीशन ले रही हैं। इनके संचालक कौन हैं।
यह जांच पहले क्यों नहीं करवाई गई। इन कंपनियों को यह काम कब और किस सरकार के कहने पर दिया गया, इन सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी। यह मामला आउटसोर्स कर्मचारियों के मामलों को लेकर गठित मंत्रिमंडल की उप समिति के पास भी पहुंच चुका है। अब इन कंपनियों की जगह आउटसोर्स कर्मचारियों को नया निगम बनाकर उसके अधीन लाने का फैसला लिया गया है। उल्लेखनीय है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को हर माह वेतन का ऑनलाइन भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। सभी विभागों से पहले संबंधित कंपनी के खाते में राशि डाली जाती है। इसके बाद कंपनी अपना कमीशन काटकर आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करती हैं।
प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती 125 कंपनियों ने की है। इनमें से 15 कंपनियों का रिकॉर्ड मिला है और शेष कंपनियां फर्जी निकली हैं। इस गंभीर मामले की सरकार जांच कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि इन फर्जी कंपनियों के मालिक कौन हैं। आउटसोेर्स पर नियुक्त सभी कर्मचारियों को निगम के अधीन लाया जाएगा ताकि इनका भविष्य सुरक्षित रहे। इन कर्मचारियों के लिए शीघ्र की नीति भी बनाई जाएगी।- महेंद्र सिंह ठाकुर, मंत्रिमंडल उप समिति के अध्यक्ष, राजस्व एवं बागवानी मंत्री
आउससोर्स कर्मियों की नौकरी रहेगी सुरक्षित
हिमाचल के विभिन्न विभागों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। प्रदेश सरकार ने इनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पॉलिसी बनाने का फैसला लिया है। विशेष सचिव वित्त रोहित जमवाल की ओर से सचिवों और प्रशासनिक अधिकारियों को यह आदेश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि बीते कैबिनेट की बैठक में इन कर्मचारियों के लिए पालिसी बनाने पर फैसला लिया गया है।