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आईएएस अफसरों को मिलेगा 11 फीसदी डीए, अधिसूचना जारी, लाखों कर्मचारियों को झटका
Wed, 22 Sep 2021 10:27 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 22 Sep 2021 10:27 PM IST
सार
कर्मचारी उम्मीद कर रहे थे कि जेसीसी बैठक में 11 फीसदी डीए बहाली पर फैसला होगा, लेकिन इसे भी आगे टाल दिया गया। इसी बीच आईएएस अफसरों को डीए देने की अधिसूचना जारी कर दी गई।
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हिमाचल सरकार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने बुधवार को केंद्रीय निर्देश पर आईएएस और भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के अन्य अधिकारियों के लिए 11 फीसदी डीए(महंगाई भत्ता) जारी करने की अधिसूचना जारी की है। वहीं, कुछ दिन पहले प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को छह फीसदी डीए देने की अधिसूचना जारी की गई है। इससे प्रदेश के करीब पौने तीन लाख कर्मचारी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। सीएम जयराम ठाकुर ने 15 अगस्त को इस संबंध में घोषणा की थी कि प्रदेश के कर्मचारियों को छह फीसदी डीए दिया जाएगा। बीते दिनों इसकी अधिसूचना भी जारी हुई। कर्मचारी उम्मीद कर रहे थे कि जेसीसी बैठक में 11 फीसदी डीए बहाली पर फैसला होगा, लेकिन इसे भी आगे टाल दिया गया।
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इसी बीच आईएएस अफसरों को डीए देने की अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके तहत डीए 17 प्रतिशत की मौजूदा दर से बढ़ाकर 28 फीसदी किया गया है। यह एक जुलाई से देय होगा। एक जुलाई से लेकर 31 अगस्त तक का एरियर उनके जीपीएफ खातों में जमा किया जाएगा। बीते दिनों हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर भी कर्मचारियों को 11 फीसदी डीए बहाल करने की मांग उठा चुके है। ऐसे में आने वाले दिनों में इसको लेकर कर्मचारी अपनी नाराजगी जाहिर कर सकते हैं। इससे सरकार पर कर्मचारियों को भी 11 फीसदी डीए बहाल करने का दवाब बनेगा।
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अनुबंध कर्मचारियों को दो साल बाद नियमित करे सरकार: भूपेंद्र
हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भेंट की। मुख्यमंत्री से अनुबंध आधार पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवाकाल अवधि को 3 से 2 साल करने और प्रदेश सचिवालय में जेओए (आईटी) की भर्ती न करने और लिपिक के पद पर ही भर्ती करने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने संघ की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। संगठन के महासचिव महेश कुमार ने बुधवार को यहां बताया कि गत सांय संगठन के संघ के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ सहायकों के पद पर पदोन्नति हेतु लिपिक, कनिष्ठ सहायक की सेवा अवधि को 10 से घटाकर 7 वर्ष करने, सचिवालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नति को अलग से पदोन्नति और भर्ती नियम बनवाने बारे प्रस्ताव दिए।
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संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक शीघ्र बुलाई जाए और उसमें कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए। संघ का प्रतिनिधिमंडल इन सभी मांगों को लेकर मुख्य सचिव से भी मिला और सभी मांगों को पूरा करने बारे निवेदन किया। इस पर मुख्य सचिव ने भी संघ को इन मांगों को पूरा करने बारे आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप प्रधान चानण मैहता, उप प्रधान राजेंद्र सिंह, संयुुक्त सचिव महेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष संजय कुमार सहित कार्यकारी सदस्य कुलदीप कुमार और रक्षित कुमार मौजूद रहे।