Himachal: बिजली के खराब मीटर बदलने में हुए 1.26 करोड़ के घोटाले में हाईकोर्ट की कड़ी फटकार
प्रदेश हाईकोर्ट ने बिजली के खराब मीटर बदलने में हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले को दबा कर बैठ जाने वाले आचरण पर हैरानी जताई है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बिजली के खराब मीटर बदलने में हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले को दबा कर बैठ जाने वाले आचरण पर हैरानी जताई है। अदालत ने इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। मामले की सुनवाई पहली जून को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता चत्तर सिंह ने जनहित में याचिका दायर की है। आरोप लगाया है कि बिजली बोर्ड ने ठेकेदार को मुनाफा देने के लिए निर्धारित कीमत से 2,000 रुपये अधिक लागत तय की। याचिका के माध्यम से अदालत को बताया गया कि सोलन जिले में कुल 5,746 खराब मीटर बदलने के लिए 12 मार्च 2018 को कुशाल इलेकि्टकल्स को ठेका दिया गया।
प्रति मीटर बदलने के लिए 2,171 रुपये तय किए गए। इस तरह से 1.26 करोड़ रुपये की राशि ठेकेदार को अदा की गई। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि 11 अप्रैल 2018 को इसी तरह का ठेका किन्नौर जिले दे दिया गया। वहां पर एक मीटर बदलने के लिए सिर्फ 211 रुपये की राशि तय की गई। किन्नौर में कुल 19,357 मीटर बदलने पर सिर्फ 41 लाख रुपये खर्च हुए। आरोप लगाया कि बोर्ड ने ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए मीटर बदलने पर अधिक कीमत तय की। अदालत को बताया गया कि इस बात की जानकारी याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार अधिनियम के माध्यम से प्राप्त की। अदालत से गुहार लगाई कि इस मामले में जांच किए जाने के आदेश पारित किए जाएं और बोर्ड के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।