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धर्मशाला की तर्ज पर बनेंगे 37 अस्पताल
Shimla
Updated Thu, 15 May 2014 05:30 AM IST
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शिमला। धर्मशाला के जोनल अस्पताल की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश के 37 अस्पतालों की व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इसमें जोनल अस्पताल से लेकर जिला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत मरीजों को लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वे टोकन लेकर डाक्टरों के पास इलाज के लिए जाएंगे। अगले पांच से छह माह में इस व्यवस्था को लागू करने की बात की जा रही है, जिससे प्रदेश के मरीजों को बड़ी राहत दी जा सके।
धर्मशाला के जोनल अस्पताल को आईएसओ 9000 प्रमाण पत्र मिला हुआ है। जहां पर मरीजों के लिए प्रदेश के अन्य अस्पतालों के मुकाबले बेहतर सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां पर टोकन सिस्टम से मरीज डाक्टरों के पास पहुंचते हैं। उन्हें लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्हें बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था है। रोजाना यह चेक किया जाता है कि किस शिफ्ट में कौन सा उपकरण खराब पड़ा हुआ है। हर शिफ्ट के कर्मचारी रजिस्टर पर टिक लगाते हैं, जिससे उस मशीन को ठीक कराने में आसानी हो जाती है। इसी तरह की व्यवस्थाएं प्रदेश के अन्य 37 अस्पतालों में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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प्रदेश के 37 अस्पतालों से आंकड़े मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मई के आखिर तक सभी आंकड़े आ जाएंगे। उसके बाद सभी अस्पतालों को धर्मशाला के जोनल अस्पताल के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संभव है कि अगले छह माह में सभी अस्पतालों की सूरत बदल जाएगी।
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- डा. आरके शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण हिमाचल प्रदेश
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धर्मशाला के जोनल अस्पताल को आईएसओ 9000 प्रमाण पत्र मिला हुआ है। जहां पर मरीजों के लिए प्रदेश के अन्य अस्पतालों के मुकाबले बेहतर सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां पर टोकन सिस्टम से मरीज डाक्टरों के पास पहुंचते हैं। उन्हें लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्हें बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था है। रोजाना यह चेक किया जाता है कि किस शिफ्ट में कौन सा उपकरण खराब पड़ा हुआ है। हर शिफ्ट के कर्मचारी रजिस्टर पर टिक लगाते हैं, जिससे उस मशीन को ठीक कराने में आसानी हो जाती है। इसी तरह की व्यवस्थाएं प्रदेश के अन्य 37 अस्पतालों में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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प्रदेश के 37 अस्पतालों से आंकड़े मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मई के आखिर तक सभी आंकड़े आ जाएंगे। उसके बाद सभी अस्पतालों को धर्मशाला के जोनल अस्पताल के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संभव है कि अगले छह माह में सभी अस्पतालों की सूरत बदल जाएगी।
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- डा. आरके शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण हिमाचल प्रदेश