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Karauli: इनके लिए गुलकंद के समान स्वादिष्ट और मीठे हैं धधकते अंगारे, कौन हैं भाकरी गांव के 'गर्म कोयला बाबा'
Sat, 06 May 2023 11:32 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 06 May 2023 11:32 AM IST
सार
हम सभी धधकते हुए अंगारों पर सिकी हुई गर्म रोटी (चपाती) तो खा सकते हैं, लेकिन उन गरम लाल सुलगते कोयलों को हाथ से छूने में डर लगता है, लेकिन करौली का एक युवक मिठाई की तरह दहकते कोयले और अंगारे खा जाता है।
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अंगारे खाते विष्णु शर्मा
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
गर्म कोयलों से लुहार लोहे को तपाने, धोबी प्रेस करने, आम लोग घरों और कुक होटल-ढाबों में रोटी सेकने सहित अन्य कार्यों में इस्तेमाल करते हैं। कोयला जलाकर बिजली घरों में बिजली भी बनती है, लेकिन करौली के एक युवक को ऐसे ही सुलगते दहकते लाल कोयले को अपने कटोरे में रखकर खाने में बड़ा मजा आता है। 28 साल के इस विष्णु शर्मा नाम के युवक को जिले सहित पूरे क्षेत्र में लोग 'गर्म कोयला बाबा' नाम से पुकारने लगे हैं।
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यह इस गांव की हकीकत
विष्णु शर्मा के गांव के बसावट बहुत पुरानी है। यहां के लोगों का जीवन कृषि, पशुधन, लाल पत्थर की खानों में मजदूरी करके गुजरता है। गर्मियों के दिनों में यहां विशेषकर पानी की काफी समस्या हो जाती है, जिससे पशुपालन और आमजन के लिए जीवन दुष्कर हो जाता है। इस गांव का नाम भांकरी है। जो करौली शहर से 15 से 20 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस गांव की जनसंख्या पांच से सात हजार के करीब है।
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— Amar Ujala (@AmarUjalaNews) May 6, 2023
गुलकंद और मिठाई की तरह लगते हैं कोयले
विष्णु शर्मा ने बातचीत में बताया कि आग से निकले हुए गर्म गर्म अंगारों को खाना मेरे लिए एक सरल बात है। मुझे तो यह गुलकंद और मिठाई के समान लगते हैं। जिस प्रकार गुलकंद स्वादिष्ट होता है और मिठास से भरा होता है, उतने ही स्वादिष्ट मुझे यह गर्म-गर्म अंगारे लगते हैं।
गरम अंगारे खाने से मुंह भी नहीं जलता, यूपी से सीखी विद्या
ये युवक इन अंगारों को कई महीनों से खाता आ रहा है और इन अंगारों को खाने से उसका मुंह भी नहीं जलता है। इस युवक को अंगारे खाने के बाद भूख, प्यास भी नहीं लगती है। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। विष्णु शर्मा ने बताया कि उसने यह विद्या उत्तर प्रदेश से प्राप्त की है।