Jaipur Crime: AI का खतरनाक खेल, BJP लेटरहेड पर बना दिया 30 करोड़ का फर्जी टेंडर, नौकरी पाने के लिए बना जालसाज
जयपुर में एक युवक ने नौकरी पाने के लिए एआई तकनीक की मदद से भाजपा के नाम पर 30 करोड़ रुपये का फर्जी टेंडर तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस ने 12 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए।
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जयपुर में एआई तकनीक और सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस थाना अशोकनगर ने भाजपा पदाधिकारियों के नाम और लेटरहेड का इस्तेमाल कर 30 करोड़ रुपये का फर्जी टेंडर तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को महज 12 घंटे में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि एक बड़ी सोशल मीडिया और प्रचार कंपनी में नौकरी पाने के उद्देश्य से यह पूरा फर्जीवाड़ा किया था। आरोपी ने एआई टूल्स, लैपटॉप और इंटरनेट की मदद से भाजपा आईटी सेल और संगठन से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें असली दिखाने की कोशिश की।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि भाजपा नेता अजय कुमार विजयवर्गीय की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में कहा गया था कि भाजपा पदाधिकारियों के नाम, लेटरहेड और संगठनात्मक पहचान का गलत इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया कि वायरल दस्तावेज “NAMODOOT RAJASTHAN CAMPAIGN Election Outreach & Ground Mobilisation Programme” के नाम से तैयार किए गए थे। इनमें भाजपा आईटी सेल नई दिल्ली और अमित मालवीय के नाम का इस्तेमाल करते हुए 30 करोड़ रुपये के कथित टेंडर, ईएमडी राशि और अन्य वित्तीय विवरण दिखाए गए थे।
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एक अन्य फर्जी पत्र में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नाम और पार्टी लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया। दस्तावेजों में एसबीआई बैंक खाते की जानकारी भी दी गई थी, जिसे भाजपा का अधिकृत खाता बताया गया, जबकि जांच में यह दावा फर्जी निकला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत विशेष टीम गठित की। तकनीकी जांच और सोशल मीडिया ट्रैकिंग के जरिए पुलिस आरोपी पुलकित गुप्ता निवासी महेशनगर, जयपुर तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह सोशल मीडिया कैंपेनिंग और डिजिटल प्रमोशन से जुड़ी कंपनी में नौकरी चाहता था। इसी वजह से उसने अपनी “क्रिएटिव क्षमता” दिखाने के लिए एआई की मदद से फर्जी टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार कर वायरल किए।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिए हैं। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी इसी तरह के फर्जी डिजिटल दस्तावेज तैयार किए थे या नहीं।आरोपी कांग्रेस के नाम पर भी कर चुका है फर्जी टेंडर तैयार
जानकारी के अनुसार यह आरोपी इससे पहले इसी तरह की ठगी का वारदात कांग्रेस के नाम पर टेंडर बनाकर भी कर चुका है। एसबीआई बैंक के जिस जिस खाते का इस व्यक्ति ने हवाला दिया था वह इसकी मां के नाम पर था। एक चौंकाने वाली जानकारी यह भी सामने आई है कि यह आरोपी इस सरकार में हुए राइजिंग राजस्थान इंवेंट में भी सरकार के सोशल मीडिया कैंपेन में काम कर चुका है।रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
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