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Rajasthan: हनुमानगढ़ में नहर में कूदकर युवक ने किया सुसाइड, आरोप-कर्ज देने वालों ने कर दिया था परेशान

Mon, 24 Oct 2022 09:50 AM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़ Published by: रोमा रागिनी Updated Mon, 24 Oct 2022 09:50 AM IST
सार

परिजनों का कहना है कि युवक ने सोशल मीडिया पर एक सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें उसने कर्ज देने वालों पर परेशान करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।

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Youth commits suicide by jumping into canal in Hanumangarh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

हनुमानगढ़ में एक युवक ने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि युवक ने कर्जदारों से तंग आकर ये कदम उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि युवकों को कर्जदारों ने सुसाइड के लिए मजबूर कर दिया था। आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव उठाने से इंकार कर दिया।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बसपा जिलाध्यक्ष महावीर सहजीपुरा ने बताया कि 20 अक्टूबर को गांव जोड़कियां निवासी इन्द्रसेन मेघवाल ने एक पत्र सोशल मीडिया पर शेयर किया था। उसमें इंद्रसेन ने बताया कि वह विक्रम यादव और सावित्री देवी से परेशान होकर सुसाइड कर रहा है। उसने इन दोनों से कुछ रुपए उधार लिए थे, उसके बदले में लाखों का कर्ज हो चुका है, लेकिन अब उसके पास पैसे नहीं है। दोनों उसे रोजाना पैसे के लिए परेशान कर रहे हैं। 

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परिजनों के अनुसार शनिवार के दोपहर सवा तीन बजे इन्द्रसेन का शव गांव जोड़कियां से आगे नहर के हेड में मिला। जिसके बाद परिजन धरने पर बैठ गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में लीपापोती करने में लगी हुई है। पुलिस राजनीतिक दबाव में कोई कार्रवाई नहीं कर रही। जांच अधिकारी एससीएसटी सेल सीओ प्रहलाद राय ने बताया कि जांच के बाद ही मामले का सच सामने आएगा। सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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सुसाइड नोट में युवक ने क्या लिखा

सुसाइड नोट में युवक इंद्रसेन ने लिखा कि मैं अपनी मर्जी से जान दे रहा हूं। अपने माता-पिता को अब और कर्ज में नहीं डूबो सकता। मैंने विक्रम और सावित्री से क्रमश: 40 और 30 हजार रुपए ब्याज पर उधार लिए थे। पता नहीं उन दोनों ने कौनसा ब्याज लगाया कि 40 हजार रुपए छह लाख रुपए बना दिए। युवक ने सुसाइड नोट में आगे लिखा कि केवल ब्याज चुकाने के लिए कई ही लोन लेने पड़े। दोनों को 5 लाख रुपए चुकाने के बावजूद उनका ब्याज ही पूरा नहीं हो रहा है। अब और माता-पिता को कर्ज में नहीं डूबो सकता। 

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