{"_id":"67cb2898617997c4400ea836","slug":"women-s-day-special-women-gave-global-recognition-to-millet-cookies-prepared-from-barmeri-millet-2025-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Women's Day Special: बाड़मेर में तैयार 'मिलेट कुकीज़' को महिलाओं ने दिलाई ग्लोबल पहचान, लंदन से मिल रहे आर्डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Women's Day Special: बाड़मेर में तैयार 'मिलेट कुकीज़' को महिलाओं ने दिलाई ग्लोबल पहचान, लंदन से मिल रहे आर्डर
Fri, 07 Mar 2025 10:41 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 07 Mar 2025 10:41 PM IST
सार
इन उत्पादों को हाल ही में नई दिल्ली में इंडिया एनर्जी वीक और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया, जहां इन्हें खूब सराहा गया। डायरेक्टर जनरल हाइड्रोकार्बन डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने इनकी प्रशंसा करते हुए महिलाओं को दिल्ली भ्रमण का निमंत्रण भी दिया।
विज्ञापन
बाड़मेर की ग्रामीण महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिले के सुदूरवर्ती सरहदी गांव-ढाणियों में बसी महिलाओं ने अपने हुनर को तराशकर आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने शुरू कर दिए है। अब ये महिलाएं केवल मीलों पैदल चलकर तालाब और कुएं से पानी लाने और बर्तन-चौके तक सीमित नहीं रह गई हैं। अब ये महिलाएं इन सारे घरेलू कामकाज से समय निकालकर जीजी बाई स्वयं सहायता समूह के अनूठे प्रयासों से अपना और अपने परिवार का रोजमर्रा का खर्चा निकालने के लिहाज से देशी बाजरे के स्वादिष्ट कुकीज बनाना सीख गई हैं। यही नहीं इनके हाथों बने कुकीज की डिमांड केवल हमारे देश भारत में ही नहीं बल्कि लंदन के बाजार में भी मार्केटिंग के अत्याधुनिक तरीके से बढ़ने लगी है।
आयल सिटी बाड़मेर की ठेठ ग्रामीण और परंपरागत परिवेश में पली-बढ़ी महिलाएं अब व्यापार जगत में अपने हाथों निर्मित स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों का स्वाद का देश-विदेश में बसे लोगों तक पहुंचा रही हैं। विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को जीजी बाई कुकीज़ को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए क्यूआर कोड मार्केटिंग की शुरुआत मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल के ली कैफे में की गई।
विज्ञापन
जीजीबाई के उत्पादों की सफलता को देखते हुए उन्हें हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में केयर्न, वेदांता के प्रदर्शनी स्थल में शामिल किया गया था। वहां उनके कौशल की तारीफ हुई और लोगों ने उनके बनाए उत्पादों को खूब पसंद किया। उनकी सफलता की कहानियां अब देश के दूसरे क्षेत्रों में लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। भारत की डायरेक्टर जनरल हाइड्रोकार्बन डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने जीजी बाई के कार्यों की तारीफ करते हुए उन्हें दिल्ली भ्रमण का न्यौता दिया। इससे पूर्व जयपुर में हुए जयगढ़ फेस्टिवल और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भी जीजी बाई ने विदेशी मेहमानों की भरपूर प्रशंसा बटोरी। उन्हें अब लंदन स्थित प्रशंसकों से ऑर्डर मिलने शुरू हो गए हैं।
डेयरी और कृषि जगत में भी दिखा रही हुनर
बाड़मेर की इन महिलाओं का कौशल सिर्फ मिलेट कुकीज़ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डेयरी और कृषि क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी जगह बनाई है। ब्रह्माणी सेल्फ हेल्प ग्रुप के अंतर्गत बनी डेयरी प्रोडक्ट्स और हस्तशिल्प वस्तुएं लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। केयर्न एंटरप्राइज सेंटर से बैंकिंग, ब्यूटीशियन, ग्रूमिंग आदि स्किल्स निखार कर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने कौशल से गांव का नाम रोशन कर रही हैं।
परिवार के प्रोत्साहन से मिला संबल
आमतौर पर कम शिक्षित होने से आत्मविश्वास की कमी और परिवार के लोगों की रोका-टोकी से अपनी प्रतिभा का उपयोग ना कर पाने वाली महिलाओं का जीजी बाई स्वयं सहायता समूह ने जीवन आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया और ऐसी कुछ आयल क्षेत्र में बसी महिलाओं को चिन्हित कर उनके परिवार को इनको प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।इस स्वयं सहायता समूह के प्रयास रंग लाए और ये महिलाएं परिवार के संबल से कुकीज बनाने और दूसरे कामकाज सीख पाई और अब अपने परिवार की गृहस्थी की गाड़ी चलाने में मेहनत कर योगदान दे पा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आयल सिटी बाड़मेर की ठेठ ग्रामीण और परंपरागत परिवेश में पली-बढ़ी महिलाएं अब व्यापार जगत में अपने हाथों निर्मित स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों का स्वाद का देश-विदेश में बसे लोगों तक पहुंचा रही हैं। विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को जीजी बाई कुकीज़ को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए क्यूआर कोड मार्केटिंग की शुरुआत मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल के ली कैफे में की गई।
विज्ञापन
जीजीबाई के उत्पादों की सफलता को देखते हुए उन्हें हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में केयर्न, वेदांता के प्रदर्शनी स्थल में शामिल किया गया था। वहां उनके कौशल की तारीफ हुई और लोगों ने उनके बनाए उत्पादों को खूब पसंद किया। उनकी सफलता की कहानियां अब देश के दूसरे क्षेत्रों में लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। भारत की डायरेक्टर जनरल हाइड्रोकार्बन डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने जीजी बाई के कार्यों की तारीफ करते हुए उन्हें दिल्ली भ्रमण का न्यौता दिया। इससे पूर्व जयपुर में हुए जयगढ़ फेस्टिवल और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भी जीजी बाई ने विदेशी मेहमानों की भरपूर प्रशंसा बटोरी। उन्हें अब लंदन स्थित प्रशंसकों से ऑर्डर मिलने शुरू हो गए हैं।
डेयरी और कृषि जगत में भी दिखा रही हुनर
बाड़मेर की इन महिलाओं का कौशल सिर्फ मिलेट कुकीज़ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डेयरी और कृषि क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी जगह बनाई है। ब्रह्माणी सेल्फ हेल्प ग्रुप के अंतर्गत बनी डेयरी प्रोडक्ट्स और हस्तशिल्प वस्तुएं लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। केयर्न एंटरप्राइज सेंटर से बैंकिंग, ब्यूटीशियन, ग्रूमिंग आदि स्किल्स निखार कर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने कौशल से गांव का नाम रोशन कर रही हैं।
परिवार के प्रोत्साहन से मिला संबल
आमतौर पर कम शिक्षित होने से आत्मविश्वास की कमी और परिवार के लोगों की रोका-टोकी से अपनी प्रतिभा का उपयोग ना कर पाने वाली महिलाओं का जीजी बाई स्वयं सहायता समूह ने जीवन आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया और ऐसी कुछ आयल क्षेत्र में बसी महिलाओं को चिन्हित कर उनके परिवार को इनको प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।इस स्वयं सहायता समूह के प्रयास रंग लाए और ये महिलाएं परिवार के संबल से कुकीज बनाने और दूसरे कामकाज सीख पाई और अब अपने परिवार की गृहस्थी की गाड़ी चलाने में मेहनत कर योगदान दे पा रही हैं।