Rajasthan: मुस्लिम छात्रों को बोर्ड परीक्षा शुल्क से मुक्त करने पर भड़के देवनानी, कहा-सरकार का यह फैसला तुगलकी
वासुदेव देवनानी ने कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने कहा कि ये फैसला सरकार वापस ले वरना विधानसभा चुनाव में परिणाम भुगतने को तैयार रहे।
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गहलोत सरकार ने मदरसों में पढ़ने वाले पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा शुल्क से मुक्त करने के निर्णय किया है। इसपर पूर्व शिक्षा मंत्री व अजमेर उत्तर के विधायक वासुदेव देवनानी ने गहलोत सरकार पर हमला बोला है। फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए देवनानी ने कहा कि प्रदेश के मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ही बोर्ड परीक्षा शुल्क से मुक्त करने का सरकार का फैसला तुगलकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार मुस्लिम तुष्टीकरण के लिबास में लपटे इस फैसले को तत्काल वापिस ले नहीं तो आगामी विधानसभा चुनाव में परिणाम भुगतने को तैयार रहे। प्रदेश में सवा तीन साल से धड़ल्ले से मुस्लिम तुष्टीकरण का खेला चल रहा है। कांग्रेस सरकार हिन्दू त्योहारों पर धारा 144 लगा देती है। रामनवमी और महावीर जयंती पर शोभायात्राओं को नहीं निकलने दिया जाता है। विजयादशमी पर संघ के पथ संचलन को निकालने की अनुमति नहीं दी जाती है, जबकि इसके विपरीत रमजान के महीने में मुस्लिम बहुल्य क्षेत्रों में बिजली नहीं काटने का आदेश दिया जाता है। कोटा में एक मुस्लिम संगठन को मार्चफास्ट निकालने की अनुमति दी जाती है।
देवनानी ने कहा कि हिन्दू विरोधी दर्जनों निर्णय ऐसे हैं, जो यह दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व में सरकार ने मुस्लिम तुष्टिकरण की सारी हदें पार कर दी हैं। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क वसूलना और मदरसों में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले मुस्लिम विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा शुल्क से मुक्त करना इसका जीता-जागता प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के मंदिरों को भी तुष्टीकरण की आग में झोंकने से नहीं चूकी। विद्यार्थी तो सब एक ही और सबके लिए समान होते हैं तो फिर मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को इससे मुक्त करना कहां का न्याय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का तुष्टीकरण का घड़ा अब पूरी तरह से भर चुका है। प्रदेश की जनता अगले विधानसभा चुनाव में इस घड़े को फोड़ कर कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का इंतजार कर रही है।