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नौकरी नहीं तो मौत चुनी: सरकारी भर्ती नहीं निकलने से तनाव में था युवक, पूर्व सीएम को बताया आत्महत्या का जिम्मेदार, मुख्यमंत्री से की ये मांग
Fri, 28 Jan 2022 03:45 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 28 Jan 2022 03:45 PM IST
सार
मौत से पहले युवक ने अपने पत्र में लिखा- पिछली सरकार में आयुर्वेदिक कंपाउंडर की 1460 भर्तियां निकाली गई थीं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें दबा दिया।
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मृतक नमो नारायण मीणा (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आयुर्वेद कंपाउंडर की भर्ती देख रहे युवक ने तनाव में आने के बाद आत्महत्या कर ली। मौत से पहले लिखे सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार पूर्व सीएम सहित सरकार के मंत्रियों को बताया है।
मृतक नमो नारायण मीणा ने नोट में लिखा, वसुंधरा राजे सरकार ने आयुर्वेदिक कंपाउंडर की 1460 भर्तियां निकाली, लेकिन भर्ती नहीं कराई। चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कोशिश की, लेकिन पूर्व सीएम वसुंधरा ने उन्हें दबा दिया गया। वे ही मेरे तनाव में जाने और मौत का कारण हैं। मृतक ने सीएम गहलोत से माता-पिता और मौसी के परिवार की आर्थिक सहायता करने की गुहार भी लगाई है।
कई दिन से छोड़ दिया था खाना
मृतक के पिता भंवर सिंह मीणा निवासी नकदपुरा गांव ने बताया कि नमो नारायण 5 भाइयों में सबसे बड़ा था। उसने आयुर्वेद कंपाउंडर का कोर्स किया था और वह लगातार भर्तियां देख रहा था। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसे कर्ज लेकर पढ़ा रहा था, इस कारण नौकरी न लगने से परेशान था। 2 महीने पहले एनआरएचएम और पटवारी परीक्षा देने के बाद भी उसको नौकरी नहीं मिली थी। इस कारण वह तनाव में आ गया और खाना-पीना भी छोड़ दिया था। उसके साथ रहने वाले साथियों ने बुधवार को तबीयत खराब होने की जानकारी दी तो हम उसे गांव ले लाए, यहां उसकी मौत हो गई।
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मौसी-मौसा को भी मानता था माता पिता
सुसाइड नोट में युवक ने सीएम से अपनी मौसी कमर पति और मौसा बनवारी मीणा को भी आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया है। उसके ताऊ प्रेम सिंह ने बताया कि उसके मौसी-मौसा की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। चार बेटियां होने पर दोनों ने नारायण को ही बेटा मान लिया था।
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मृतक नमो नारायण मीणा ने नोट में लिखा, वसुंधरा राजे सरकार ने आयुर्वेदिक कंपाउंडर की 1460 भर्तियां निकाली, लेकिन भर्ती नहीं कराई। चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कोशिश की, लेकिन पूर्व सीएम वसुंधरा ने उन्हें दबा दिया गया। वे ही मेरे तनाव में जाने और मौत का कारण हैं। मृतक ने सीएम गहलोत से माता-पिता और मौसी के परिवार की आर्थिक सहायता करने की गुहार भी लगाई है।
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कई दिन से छोड़ दिया था खाना
मृतक के पिता भंवर सिंह मीणा निवासी नकदपुरा गांव ने बताया कि नमो नारायण 5 भाइयों में सबसे बड़ा था। उसने आयुर्वेद कंपाउंडर का कोर्स किया था और वह लगातार भर्तियां देख रहा था। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसे कर्ज लेकर पढ़ा रहा था, इस कारण नौकरी न लगने से परेशान था। 2 महीने पहले एनआरएचएम और पटवारी परीक्षा देने के बाद भी उसको नौकरी नहीं मिली थी। इस कारण वह तनाव में आ गया और खाना-पीना भी छोड़ दिया था। उसके साथ रहने वाले साथियों ने बुधवार को तबीयत खराब होने की जानकारी दी तो हम उसे गांव ले लाए, यहां उसकी मौत हो गई।
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मौसी-मौसा को भी मानता था माता पिता
सुसाइड नोट में युवक ने सीएम से अपनी मौसी कमर पति और मौसा बनवारी मीणा को भी आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया है। उसके ताऊ प्रेम सिंह ने बताया कि उसके मौसी-मौसा की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। चार बेटियां होने पर दोनों ने नारायण को ही बेटा मान लिया था।