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Udaipur News: बिना सहायक खंभे पर चढ़े लाइनमैन की करंट से मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
Sat, 08 Jun 2024 10:38 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 08 Jun 2024 10:38 PM IST
सार
बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि लापरवाही की वजह से युवक की मौत हुई। दो घंटे तक शव खंभे पर तारों के बीच उलझा रहा।
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करंट लगने से लाइनमैन की मौत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर से 15 किमी दूर नयाखेड़ा में खंभे पर चढ़कर बिजली सुधार रहे लाइनमैन की करंट लगने से 30 फिट ऊंची हाई पावर लाइन के तार में उलझकर मौत हो गई। लाइनमैन नाना लाल की दर्दनाक मौत के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से ऐसी दुर्गति हुई कि दो घंटे तक शव खंभे पर तारों के बीच उलझा रहा। ये बिजली विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही का नमूना है कि खंभे पर चढ़कर बिजली सुधारने के दौरान कोई भी सहायक या अधिकारी मौजूद नहीं था।
जानकारी के अनुसार बिजली दुरुस्त करने के जोखिम भरे काम के दौरान सीनियर टेक्निकल कर्मचारी और सहायक अभियंता या कनिष्ठ अभियंता का मौजूद होना आवश्यक है। नियमों के मुताबिक जिस लाइन को सुधारने का काम चल रहा हो उस क्षेत्र से संबंधित सभी लाइनों की विद्युत सप्लाई बंद की जाती है।
लाइनमैन नाना राम की दर्दनाक मौत के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं, इसका पता जांच के दौरान चलेगा। फिलहाल गंभीर बात ये है कि करंट लगने से मौत के बाद दो घंटे तक नाना राम का शव खंभे पर क्यों लटका रहा? विद्युत विभाग के अधिकारियों ने दुर्घटना के बाद तत्काल शव खंभे से क्यों नहीं उतारा? लोगों का आरोप है नाना राम को हादसे के बाद फ़ौरन उतारकर अस्पताल पहुंचाया जाता तो जान बचाई जा सकती थी।
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जानकारी के अनुसार बिजली दुरुस्त करने के जोखिम भरे काम के दौरान सीनियर टेक्निकल कर्मचारी और सहायक अभियंता या कनिष्ठ अभियंता का मौजूद होना आवश्यक है। नियमों के मुताबिक जिस लाइन को सुधारने का काम चल रहा हो उस क्षेत्र से संबंधित सभी लाइनों की विद्युत सप्लाई बंद की जाती है।
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लाइनमैन नाना राम की दर्दनाक मौत के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं, इसका पता जांच के दौरान चलेगा। फिलहाल गंभीर बात ये है कि करंट लगने से मौत के बाद दो घंटे तक नाना राम का शव खंभे पर क्यों लटका रहा? विद्युत विभाग के अधिकारियों ने दुर्घटना के बाद तत्काल शव खंभे से क्यों नहीं उतारा? लोगों का आरोप है नाना राम को हादसे के बाद फ़ौरन उतारकर अस्पताल पहुंचाया जाता तो जान बचाई जा सकती थी।
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