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Independence Day: कौन हैं इकबाल सक्का? जिन्होंने देश को दिए अनोखे वायुयान, इतने छोटे कि इन्हे पकड़ना आसान नहीं
Fri, 15 Aug 2025 05:24 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 15 Aug 2025 05:24 PM IST
सार
इन वायुयानों को शिक्षा, विज्ञान, किसान, इंडिया, हिंद और भारत विमान नाम दिए गए हैं। बारीक मीना कला से सुसज्जित ये कलाकृतियां लेंस से देखने योग्य हैं और इन्हें बनाने में 10 दिन लगे। डॉ. सक्का ने इन्हें प्रधानमंत्री और संस्कृति मंत्रालय को भेंट करने की इच्छा व्यक्त की है।
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24 कैरेट सोने से बने सूक्ष्म विमान।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उदयपुर के विश्वविख्यात शिल्पकार और 100 से ज्यादा अधिक विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ. इकबाल सक्का ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक बार फिर अपनी अद्भुत कला से देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने भारतीय आधुनिक कला संग्रहालय को भेंट करने के लिए दुनिया का सबसे छोटा चांदी का तिरंगा झंडा और सोने से निर्मित 6 सूक्ष्म वायुयान तैयार किए हैं।
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24 कैरेट सोने से बने खास विमान
इनकी खासियत यह है कि चांदी का यह तिरंगा झंडा मात्र 2 मिलीमीटर का है, जबकि हर वायुयान का आकार 3x2 मिलीमीटर है। ये छह वायुयान पूरी तरह 24 कैरेट सोने से बने हैं और प्रत्येक का वजन केवल एक ग्राम है। डॉ. सक्का ने इन्हें शिक्षा विमान, विज्ञान विमान, किसान विमान, इंडिया विमान, हिंद विमान और भारत विमान नाम दिए हैं। इन नामों के जरिए वे देश की विविधता, प्रगति और गौरव का संदेश देना चाहते हैं।
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वायुयान और तिरंगा झंडा।
- फोटो : अमर उजाला
उड़ते हुए प्रतीत होता है खास डिजाइन
वायुयानों की बनावट भी बेहद खास है। इनमें बारीकी से पंख, व्हील और लाइट्स लगाए गए हैं, जिन्हें केवल लेंस की मदद से देखा जा सकता है। इन लघु वायुयानों को इस तरह डिजाइन किया गया है मानो वे आकाश में उड़ते हुए तिरंगे झंडे को सलामी दे रहे हों। पूरी संरचना में बारीक मीना कला का भी प्रयोग किया गया है, जिससे इनकी सुंदरता और बढ़ गई है।
बनाने में लगे माइक्रो टूल्स और विशेष तकनीक
डॉ. सक्का ने बताया कि इन छह वायुयानों और तिरंगे झंडे को तैयार करने में उन्हें लगभग 10 दिन का समय लगा। यह कार्य अत्यंत सूक्ष्म और धैर्यपूर्ण था, क्योंकि इतने छोटे आकार की कलाकृति बनाने के लिए माइक्रो टूल्स और विशेष तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ता है।
ये भी पढ़ें- स्वतंत्रता दिवस पर रोशनी में नहाया गुलाबी शहर, अमर जवान ज्योति को फूलों से सजाया
वायुयानों की बनावट भी बेहद खास है। इनमें बारीकी से पंख, व्हील और लाइट्स लगाए गए हैं, जिन्हें केवल लेंस की मदद से देखा जा सकता है। इन लघु वायुयानों को इस तरह डिजाइन किया गया है मानो वे आकाश में उड़ते हुए तिरंगे झंडे को सलामी दे रहे हों। पूरी संरचना में बारीक मीना कला का भी प्रयोग किया गया है, जिससे इनकी सुंदरता और बढ़ गई है।
बनाने में लगे माइक्रो टूल्स और विशेष तकनीक
डॉ. सक्का ने बताया कि इन छह वायुयानों और तिरंगे झंडे को तैयार करने में उन्हें लगभग 10 दिन का समय लगा। यह कार्य अत्यंत सूक्ष्म और धैर्यपूर्ण था, क्योंकि इतने छोटे आकार की कलाकृति बनाने के लिए माइक्रो टूल्स और विशेष तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ता है।
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अधिक विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ. इकबाल सक्का।
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा पत्र
79वें स्वतंत्रता दिवस पर इन अनोखी कलाकृतियों को भारतीय आधुनिक कला संग्रहालय नई दिल्ली में भेंट करने के लिए डॉ. सक्का ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के कला एवं सांस्कृतिक मंत्रालय को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि यह उपहार देश की आन-बान-शान और स्वतंत्रता दिवस की भावना को समर्पित है।
सौ से अधिक विश्व रिकॉर्ड
डॉ. इकबाल सक्का पहले भी अपनी लघु कलाकृतियों और अनोखे रिकॉर्ड के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने अब तक सौ से अधिक विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जिनमें सोने, चांदी और अन्य धातुओं से बनी अति सूक्ष्म कलाकृतियां शामिल हैं। उनकी यह नवीनतम रचना न केवल भारत की कलात्मक धरोहर में नया अध्याय जोड़ती है, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी देती है कि भारतीय कलाकार अपनी सृजनशीलता और देशभक्ति को अनोखे ढंग से व्यक्त करना जानते हैं।
79वें स्वतंत्रता दिवस पर इन अनोखी कलाकृतियों को भारतीय आधुनिक कला संग्रहालय नई दिल्ली में भेंट करने के लिए डॉ. सक्का ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के कला एवं सांस्कृतिक मंत्रालय को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि यह उपहार देश की आन-बान-शान और स्वतंत्रता दिवस की भावना को समर्पित है।
सौ से अधिक विश्व रिकॉर्ड
डॉ. इकबाल सक्का पहले भी अपनी लघु कलाकृतियों और अनोखे रिकॉर्ड के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने अब तक सौ से अधिक विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जिनमें सोने, चांदी और अन्य धातुओं से बनी अति सूक्ष्म कलाकृतियां शामिल हैं। उनकी यह नवीनतम रचना न केवल भारत की कलात्मक धरोहर में नया अध्याय जोड़ती है, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी देती है कि भारतीय कलाकार अपनी सृजनशीलता और देशभक्ति को अनोखे ढंग से व्यक्त करना जानते हैं।